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23 जुलाई 2019

1:58 pm

भारतीय इतिहास के 60 महत्वपूर्ण प्रश्न जो पिछली सभी परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं भाग एक

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नोट-इंडिया' नाम की उत्पत्ति इंड्यूस नाम की नदी से हुई है जो कि इंड्यूस वैली की घाटियों में बहा करती थी।

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नोट-अधिकारिक संस्कृत नाम हिंदुस्तान का 'भारत गणराज्य' है। जिसे आज लोग केवल 'भारत' ही कहते हैं।
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नोट-आगरा का ताजमहल विश्व के सात अजूबों में से एक है जिसे कि मुगल शासक शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में बनवाया था।

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15 जुलाई 2019

11:09 am

दुनिया की इन 3 देशों के पास है सबसे ज्यादा सोना, पहला नाम जानकर यकीन नहीं करोगे

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे चैन,ल पर, भारत में लोगों को सोना काफी ज्यादा पसंद है भारत में महिलाओं को सोना और भी ज्यादा पसंद है महिलाएं अपने आभूषण के तौर पर सोने का उपयोग करती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना भारत के पास होगा लेकिन ऐसा नहीं है दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो सोने के मामले में भारत से आगे हैं।

किसी भी देश के पास जितना ज्यादा सोना होगा उस देश की अर्थव्यवस्था उतनी ज्यादा मजबूत होगी सोना एक प्रकार का धातु है जो किसी भी देश की मुश्किल परिस्थिति में मदद कर सकता है। आज हम आप लोगों को दुनिया के 3 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सबसे ज्यादा सोने का भंडार है।

इन 3 देशों के पास है सबसे ज्यादा सोना-

3. इटली
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इटली दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोना है। इटली को एक दुनिया का अमीर देश माना जाता है इटली की अर्थव्यवस्था दुनिया कई देशों की तुलना में काफी मजबूत है। इटली एक विकसित देश माना जाता है। इटली यूरोप का एक अमीर देश माना जाता है जिसके पास लगभग 2,452 टन सोना है।

2. जर्मनी

जर्मनी दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है। जर्मनी को भी दुनिया का एक विकसित और मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश माना जाता है। जर्मनी के लोगों का रहन सहन भी दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी उच्च माना जाता है। जर्मनी के पास लगभग 3,381 टन सोना मौजूद है।

1. अमेरिका

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अमेरिका दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली, अमीर और विकसित देश माना जाता है। अमेरिका दुनिया का सबसे विकसित देश है जिसके पास काफी ज्यादा धन दौलत मौजूद है। अमेरिका का में लगभग सबसे ज्यादा करोड़पति लोग रहते हैं भले ही अमेरिका के लोग सोने के आभूषण पहनना पसंद नहीं करते हैं लेकिन अमेरिकी सरकार के पास काफी ज्यादा मात्रा में सोने का भंडार है। अमेरिका के पास लगभग 8,133 टन सोना है।

हमें उम्मीद है आप लोगों को हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद जरूर आई होगी ऐसे ही जानकारी के लिए पोस्ट को लाइक और शेयर करना ना भूले।

12 अप्रैल 2019

1:04 pm

जिस दासी के कारण से श्रीराम को वनवास हुआ वह मंथरा वास्तव में कौन थी

रामायण में मंथरा एक ऐसा पात्र है जिसके कारण भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मणजी को वनवास जाना पड़ा. श्रीराम को वनवास जाना पड़ा उसमे एक तरह से समाज का और देवताओं का कल्याण ही था क्योंकि श्रीराम ने वनवास के दौरान ही रावण का अंत किया था. श्रीराम को अगर वनवास नहीं होता तो श्रीराम रावण का वध करके अपना अवतार कार्य कैसे पूर्ण करते यह भी एक सोचने की बात है.
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दोस्तों रामायण की तरह महाभारत भी एक बहुत बड़ा ग्रंथ है और इस महान ग्रंथ में भगवान राम के चरित्र का वर्णन भी आता है. उस वर्णन के अनुसार जब राक्षसराज रावण से भयभीत होकर देवता ब्रह्माजी की शरण में गए थे तब ब्रहमाजी ने देवताओं को कहा अब रावण का अंत निकट है, तुम सब भी रींछ और वानर रूप में पृथ्वी पर अवतार धारण करो और भगवान राम की सहायता करो.

उस समय देवताओं ने एक दुंदुभी नाम की गंधर्वी को बुलाया और कहा तुम पृथ्वी पर जन्म धारण करो और वहां पर तुम्हे कैकेयी की दासी बनना है और तुम्हे किसी तरह भगवान राम को वन में जाने के लिए सहायता करनी है. उस समय उस दुंदुभी नाम की गंधर्वी ने श्रीराम को वन में भेजने का दायित्व स्वीकार कर लिया.
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उसके बाद वहीँ गंधर्वी पृथ्वी पर कुब्जा के रूप में जन्मी. उस समय उसका नाम मंथरा रखा गया और वहीँ राजा दशरथ की छोटी रानी कैकेयी की दासी बनी थी. उस समय मंथरा ने अपना वह कार्य किया जिस कार्य के लिए देवताओं ने उसे पृथ्वी पर भेजा था. उसने रानी कैकेयी के मन में रामजी के प्रति संदेह उत्पन्न कर दिया जिस कारण से रानी कैकेयी ने राजा दशरथ से श्रीराम को वनवास देने की मांग की और श्रीराम को अपने पिता का वचन पूर्ण करने के लिए वन में जाना पड़ा और फिर आगे के घटनाक्रम में श्रीराम ने रावण का वध करके देवताओं का कार्य संपूर्ण किया और पृथ्वी पर धर्म मर्यादा की स्थापना की.
12:55 pm

फूलन देवी की कुछ अनदेखी बातें और पढ़े एक आम लड़की कैसे बनी डकैत

इनका जन्म 10 अगस्त 1963 में यूपी से एक गोहरा नाम के गांव में हुआ था, लेकिन जन्म के साथ ही उनके साथ जातिगत मतभेद होना स्टार्ट हो गया था। इसके पश्चात 11 वर्ष की उम्र में ही फूलन देवी के घर वालों ने उनकी विवाह करवा दिया, लेकिन फूलन देवी के पति और उनके परिवार के प्रताड़ना से फुलन देवी तंग आ चुकी थी और वह ससुराल छोड़कर अपने पिता के पास वापस आई और मजदूरी में पिता का हाथ बढ़ाने लगी।
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लेकिन इसके बाद जिंदगी में बहुत बड़ी घटना घटित हुई गांव के कुछ लोगों ने मिलकर फूलन देवी का बलात्कार कर दिया और फूलन देवी अपने लिए न्याय के लिए दर-दर भटकने लगे, लेकिन देश के कानून ने उनकी एक बात नहीं सुनी, फिर इसका बदला लेने के लिए उन्होंने हथियार उठाने का मन बनाया।

फिर फूलन देवी की मुलाकात विक्रम मल्लाह से हुई। इन दोनों ने मिलकर डाकुओं का संगठन तैयार किया और फूलन देवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं में आने लगे अपना बदला लेने के लिए उन्होंने 1981 को जिन लोगों ने उनका बलात्कार किया था। उनकी हत्या कर दी। इसके बाद पूरे चंबल में फूलन देवी का खौफ आ गया और सरकार ने फूलन देवी को पकड़ने का फरमान जारी किया, लेकिन पुलिस फूलन देवी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई।
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और 1983 की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फूलन देवी को सरेंडर करने के लिए बोला। उससे पहले गवर्नमेंट से फूलन देवी ने कुछ मांगे रखी टैली उनकी किसी भी साथी को मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा और दूसरी उनके किसी भी शादी को 8 वर्ष से ज्यादा जेल में नहीं रखा जाएगा और सरकार ने फूलन देवी की सारी शर्तें मान ली।

मगर 11 वर्ष तक फूलन देवी को बिना कोई कैसे चलाएं जेल के अंदर रखा गया। जिसके पश्चात 1994 को समाजवादी सरकार की और सरकार ने फूलन देवी को रिहा करवा दिया और 1996 में समाजवादी पार्टी ने फूलन देवी को अपनी पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने के लिए बोला और फूलन देवी मिर्जापुर सीट से संसार बनने में सफल हुई और दिल्ली पहुंच गई।

इसके पश्चात 2001 में शेर सिंह राणा ने फूलन देवी के निवास में फूलन देवी की हत्या कर दी और कहा कि ये सर्वेणो की मौत का बदला है, लेकिन कई जगह में फूलन देवी की हत्या को राजनीतिक षड्यंत्र भी माना गया। इस तरह से फूलन देवी की जिंदगी का अंत हो गया और अपनी एक स्टोरी हो। हिंदुस्तान में छोड़ गई जानकारी के लिए आपको बताना चाहते है, कि फूलन देवी पर बैंडिट क्वीन नाम की फिल्म भी बन चुकी है। जिसे शेखर कपूर ने डायरेक्ट किया था, लेकिन इस फिल्म से फूलन देवी को आपत्ति होने की वजह से इस फिल्म को सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया।

01 अप्रैल 2019

8:37 am

भारत का एक ऐसा मंदिर जहां रात रूकने वाला नहीं देख पाता है सुबह का सूरज, डरावनी है सच्चाई

 हमारे देश मे कई धर्मो के लोग रहते है। जिसके चलते हर जगह पर मंदिर मस्जिद चर्च व गुरूद्वारे मिल जाते है। इनमे से कई सारे मंदिर है जो अपने चमत्कारों की वजह से पूरी दुनिया मे फैमस है। आज आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे बता रहे है. जिसके बारे में जानकर आप सहम जाएगें।
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दोस्तों यह मंदिर किसी अन्य देश मे नहीं बल्कि हमारे देश मे हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर आज भी उलहा और उदल आकर माता की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जब इन दोनों की पूजा पूरी हो जाती है इसके बाद ही मंदिर के गेट खोले जाते हैं। जिस मंदिर की हम बात कर रहे है।

वह सतना जिले के मैहर तहसील स्थित त्रिकूट पर्वत पर है जिसे मैहर देवी का मंदिर कहा जाता है। बताया जाता है कि माता ने दोनों भाइयों को अमर होनें का आशिर्वाद् दिया था। जिसके बाद दोनों यहां पर पूजा करने आते हैं। इतना ही नहीं कई कहानियों के अनुसार अल्हा माता को माई कहकर बुलाता था।

जिसके बाद से माता यहीं पर विराजमान हो गई। और माता का नाम शारदा माई हो गया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस मंदिर में रात को 2 बजे से लेकर 5 बजे तक कोई प्रवेश नहीं कर सकता है। यहां पर इस दौरान हर इंसान का प्रवेश वर्जित है।
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इस मंदिर के बारे में लोगों की मान्य्ता है कि अगर इस दौरान किसी ने इसमे प्रवेश किया तो उसकी मौत हो जाती है। मामले की जानकरी देते हुए यहा के एक बुजुर्ग का कहना है कि यहा पर पहले भी कई सारे लोगों ने रूकने का प्रयास किया था. लेकिन सभी की मौत हो गई है। माता का मंदिर पहाड़ के ऊपर है। जिसके चलते यहा पर 1060 सीढिया चढ़कर जाना पड़ता है.