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29 जुलाई 2019

5:01 pm

नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय | फिल्म ‘नमो’ की कहानी | Narendra modi



नरेंद्र मोदी जी ऐसी सख्शियत है, जोकि देश हो या विदेश सभी जगह प्रसिद्ध हैं. मोदी जी हमारे देश के 15 वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत है. सन 2014 और फिर 2019 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर मोदी जी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. मानो पुरे देश में मोदी लहर सी आ गई है, अधिकतर भारतीय मोदी जी पर पूर्ण विश्वास रखे है कि वो उन्हें उज्जवल भविष्य देंगें . स्वतंत्रता के बाद ऐसी जीत हासिल करने वाले ये भारत के पहले प्रधानमंत्री बने. लगातार दूसरी बार मोदी जी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आये है. प्रधानमंत्री बनने के पहले से लेकर बाद तक इन्होंने भारत देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये. हालाँकि मोदी जी बहुत से विवादों में भी घिरे पाए गए हैं, लेकिन इनकी नीतियों की हमेशा प्रशंसा की जाती रही है. मोदी जी ने अपने जीवन में क्या – क्या महत्वपूर्ण कार्य किये हैं एवं इनका अब तक का जीवन कैसा रहा यह सभी बातें आज हम इस लेख के माध्यम से आप तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं.
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नरेंद्र मोदी जी का शुरूआती जीवन

नरेंद्र मोदी जी का जन्म गुजरात राज्य के मेहसाना जिले के एक छोटे टाउन वडनगर में हुआ. जब इनका जन्म हुआ था तब यह बॉम्बे में था किन्तु अब वर्तमान में यह गुजरात में स्थित है. नरेंद्र मोदी जी के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इनके पिता एक सड़क व्यापारी थे, जिन्होंने अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए काफी संघर्ष किया था. मोदी जी की माता एक गृहणी महिला है. मोदी जी ने बचपन में अपने परिवार का समर्थन करने के लिए अपने भाइयों के साथ रेलवे स्टेशन में और फिर बस टर्मिनल में चाय भी बेची. मोदी जी ने अपने बचपन के दिनों में हीकई कठिनाइयों और बाधाओं का सामना किया था, लेकिन अपने चरित्र और साहस की ताकत से उन्होंने सभी चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया. इस तरह से इनका शुरूआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा था.
नरेंद्र मोदी जी के परिवार का परिचय 
67 साल के हुए मोदी देखिए कौन कौन है परिवार में और कैसा जीवन जीते हैं इनके भाई नरेंद्र मोदी 67 साल के हो गए इस मौके पर वो गांधीनगर पहुंचे और अपनी मां हीरा बा का आशीर्वाद लिया मोदी अपने हर जन्मदिन पर मां का आर्शीवाद लेने गुजरात अपनी मां के पास जरूर जाते हैं और अपने परिवार के दूसरे लोगों से भी मिलते हैं खासतौर से बच्चों से नरेंद्र मोदी खूब सारी बातें भी करते हैं हालांकि नरेंद्र मोदी अपने भाई बहनों से नहीं मिल पाते लेकिन अपनी मां से हर बड़े मौके पर मिलते हैं 

मोदी के पिता के 5 भाई: नरेंद्र मोदी के पिता के कुल 5 भाई थे नरसिंह दास, नरोत्तम दा, जगजीवन दास, कांतिलाल, जयंतीलाल, कांतिला और जयंती लाल शिक्षक के रूप में रिटायर्ड हुए जयंती लाल की बेटी लीना बेन के पति विसनगर में बस कंडक्टर थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां का नाम हीराबेन है वो हाउसमेकर हैं और उनके पिता का नाम दामोदरदासभाई मोदी है
नरेंद्र मोदी की एक ही बहन है जिसका नाम है वासंतीबेन हसमुख लाल मोदी उनके पति का नाम है हसमुख भाई हसमुख भाई एलआईसी में थे वसंतीबेन भी हाउसमेकर हैं वसंतीबेन 5 भाईयों की एक बहन हैं

मोदी के सबसे बड़े भाई का नाम है सोमा मोदी वे हेल्थ डिपार्टमेंट में कार्यरत थे और अब रिटायर हो चुके हैं अब वे अहमदाबाद में एक ओल्ड ऐज होम चलाते हैं और सोशल वर्कर करते हैं
मोदी के दूसरे भाई का नाम है प्रह्लाद मोदी अहमदाबाद में वे फेयर प्राइस दुकान चलाते हैं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका टायर शो रूम भी है
मोदी के तीसरे भाई का नाम है अमृत भाई मोदी वे अहमदाबाद में रहते हैं इनकी पत्नी का नाम चंद्रकांता बेन है अमृत भाई मोदी लेथ मशीन ऑपरेटर थे लो प्रोफाइल जीवन जीते हैं
मोदी के सबसे छोटे भाई हैं पंकज भाई मोदी पंकज गांधीनगर में रहते हैं इनकी पत्नी का नाम सीताबेन है पंकज सूचना विभाग से रिटायर्ड हुए उनकी मां पंकज के साथ ही रहती हैं
नरेंद्र मोदी अपने भाई सोमाभाई और अमृतभाई से छोटे हैं और प्रह्लाद व पंकज भाई से बड़े उनकी एक ही बहन है वासंती बेन

 
नरेंद्र मोदी जी के परिवार की जानकारी 
मोदी जी का परिवार मोध – घांची – तेली समुदाय से है, जोकि भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से संबंध रखता है. नरेंद्र मोदी जी अपने माता – पिता की तीसरी संतान हैं. मोदी जी के बड़े भाई सोमा मोदी की उम्र वर्तमान में 75 वर्ष हैं, वे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रह चुके हैं. इनके दूसरे बड़े भाई अमृत मोदी एक मशीन ऑपरेटर हैं, जिनकी उम्र 72 साल है. इसके बाद मोदी जी के 2 छोटे भाई है, एक प्रहलाद मोदी जिनकी उम्र 62 साल हैं, वे अहमदाबाद में एक शॉप चलाते हैं, एवं दूसरे पंकज मोदी जो , कि गांधीनगर में सूचना विभाग में एक क्लर्क के रूप में कार्यरत हैं. नरेन्द्र मोदी जी का विवाह – मोदी जी का विवाह घांची समुदाय की परम्पराओं के अनुसार 18 साल की उम्र में सन 1968 में जशोदा बेन चिमनलाल के साथ हुआ. रिपोटर्स के अनुसार, कहा गया है कि मोदी जी का अपनी पत्नी से तलाक़ नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी वे दोनों एक – दूसरे से अलग हो गए. मोदी जी की पत्नी जशोदा बेन गुजरात के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य किया करती थी, जोकि अब रिटायर हो चुकी हैं.
नरेंद्र मोदी जी की शिक्षा एवं शुरुआती करियर 
  • नरेंद्र मोदी जी की शुरूआती शिक्षा वडनगर के स्थानीय स्कूल से पूरी हुई, उन्होंने वहां सन 1967 तक अपनी हायर सेकेंडरी तक की पढ़ाई पूरी कर ली थी. उसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था, और फिर उन्होंने पूरे भारत में भ्रमण कर विविध संस्कृतियों की खोज की.
  • इसके लिए मोदी जी ने उत्तर भारत में स्थित ऋषिकेश एवं हिमालय जैसे स्थानों का दौरा किया. उत्तर पूर्व के हिस्सों में दौरा करने के 2 साल बाद वे भारत लौटे. इस तरह से मोदी जी ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ साल तक अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की.
  • फिर मोदी जी ने सन 1978 में अपनी उच्च शिक्षा के लिए भारत के दिल्ली यूनिवर्सिटी में एवं उसके बाद अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान में क्रमशः स्नातक एवं स्नातकोत्तर किया.
एक बार मोदी जी के एक शिक्षक ने बताया था, कि मोदी जी पढ़ाई में सामान्य थे, किन्तु वे पुस्तकालय में ज्यादातर अपना समय बिताया करते थे. उनकी वाद – विवाद की कला बेहतरीन थी.

नरेंद्र मोदी जी के राजनीतिक करियर की शुरुआत 
  • अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद मोदी जी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो कर फुलटाइम प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) जोकि एक हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीतिक दल हैं में शामिल होने के लिए अहमदाबाद गये.
  • सन 1975 – 77 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिसके कारण मोदी जी को उस समय अंडरग्राउंड होने के लिए मजबूर होना पड़ा एवं गिरफ़्तारी से बचने के लिए भेस बदल कर यात्रा किया करते थे.
  • आपातकाल के विरोध में मोदी जी काफी सक्रीय रहते थे. उन्होंने उस समय सरकार का विरोध करने के लिए पर्चे के वितरण सहित कई तरह के हथकंडे अपनाये. इससे उनका प्रबंधकीय, संगठनात्मक और लीडरशिप कौशल सामने आया.
  • इसके बाद नरेन्द्र मोदी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में शामिल हो गये. इन्हें आरएसएस में लेखन का काम सौंपा गया था.
  • सन 1985 में आरएसएस द्वारा मोदी जी ने भारतीय जनता पार्टी यानि बीजेपी पार्टी में सम्मिलित होने के बारे में सोचा. सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी पूरी तरह से बीजेपी में शामिल हो गए, और पहली बार उन्होंने अहमदाबाद नगरपालिका चुनाव में भाजपा के अभियान को व्यवस्थित करने में मदद की, इसमें भाजपा की जीत हुई.
नरेंद्र मोदी जी का राजनीतिक करियर 
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  • सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद रैंक के माध्यम से तेजी से उदय हुआ, क्योंकि वे एक बहुत ही बुद्धिमानी व्यक्ति थे. उन्होंने व्यवसायों, छोटे सरकारी एवं हिन्दू मूल्यों के निजीकरण को बढ़ावा दिया. इसी साल इन्हें पार्टी के गुजरात ब्रांच के महासचिव के रूप में चुना गया.
  • सन 1990 में एल के आडवानी जी की अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में मदद करने के बाद पार्टी के भीतर मोदी जी की क्षमताओं को मान्यता मिली, जो उनका पहला राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक कार्य बन गया.
  • उसके बाद सन 1991-92 में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा हुई. मोदी जी ने सन 1990 में गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद गुजरात में भाजपा की उपस्थिति को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी.
  • सन 1995 के चुनावों में पार्टी ने 121 सीटें जीतीं, जिससे गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी. पार्टी थोड़ी समय के लिए सत्ता में रही, जो सितंबर 1996 में समाप्त हो गई.
  • सन 1995 में मोदी जी को हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गतिविधियों को संभालने के लिए भाजपा का राष्ट्रीय सचिव चुना गया, और वे नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गए.
  • सन 1998 में जब भाजपा में आंतरिक लीडरशिप विवाद चल रहा था, तब मोदी जी ने उस दौरान भाजपा की चुनाव जीत का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे विवादों को सुलझाने में सफलतापूर्वक मदद मिली.
  • इसके बाद इसी साल मोदी जी महासचिव नियुक्त किये गये. इस पद में वे सन 2001 तक कार्यरत थे. उस दौरान मोदी जी को विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन को फिर से लाने की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने का श्रेय दिया गया था.
नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 
  • नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार सन 2001 में विधान सभा चुनाव लड़ा, और राजकोट में 2 में से एक सीट जीती. जिसके बाद वे गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए. दरअसल उस समय केशुभाई पटेल का स्वास्थ्य ख़राब हो गया था और दूसरी तरफ उपचुनाव में भाजपा राज्य की कुछ विधानसभा सीटें हार गई थी. जिसके बाद बीजेपी की राष्ट्रीय लीडरशिप केशुभाई पटेल के हाथ से लेकर मोदी जी को थमा दी गई थी और उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा गया.
  • 7 अक्टूबर सन 2001 को मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इसके बाद उनकी एक के बाद एक जीत निश्चित होती चली गई.
  • सबसे पहले उन्होंने 24 फरवरी 2002 में राजकोट के ‘द्वितीय निर्वाचन क्षेत्र’ के लिए उपचुनाव जीता. उन्होंने कांग्रेस के अश्विन मेहता को 14,728 वोटों से हराया.
सन 2002 में गुजरात दंगे में नरेंद्र मोदी को मिली ‘क्लीन चिट 
नरेंद्र मोदी जी के उपचुनाव जीतने के 3 दिन बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा की एक बहुत बड़ी घटना हुई, जिसके परिणामस्वरुप 58 लोगों की हत्या कर दी गई थी. क्योंकि उस समय गोधरा के पास सैकड़ों यात्रियों से भरी एक ट्रेन में जिसमे ज्यादातर हिन्दू यात्री थे, उसमें आग लगा दी गई थी. इस घटना से मुस्लिमों के विरोध में यह घटना हुई थी. जिससे यह पूरे गुजरात में फ़ैल गया. और गुजरात में सांप्रदायिक रूप से दंगे होने लगे. इस दंगे में लगभग 900 से 2,000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी. उस दौरान राज्य में मोदी जी की सरकार थी, जिसके कारण उन पर इस दंगे को फ़ैलाने का आरोप लगाया गया था. मोदी जी पर लगाये गये आरोप के चलते उन पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसलिए मोदी जी का उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल केवल कुछ महीनों का ही बस था. फिर सन 2009 में इससे संबंधित सुप्रीमकोर्ट ने एक दल बनाया, जोकि इस मामले की जाँच करने के लिए बनाया गया था. इस दल का नाम एसआईटी था. इस दल ने पूरी तरह से जाँच करने के बाद सन 2010 में सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें मोदी जी को इस मामले में ग्रीन सिग्नल दे दिया गया. हालाँकि सन 2013 में इस जाँच दल के ऊपर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने मोदी जी के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाया है.  
दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में
जब मोदी जी को कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई, तो उन्हें फिर से गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त कर दिया गया था. मोदी जी के दोबारा गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य के विकास के लिए कार्य करने शुरू कर दिए. इससे राज्य में काफी परिवर्तन भी आये. उन्होंने गुजरात राज्य में टेक्नोलॉजी और वित्तीय पार्क्स का निर्माण किया. सन 2007 में मोदी जी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में गुजरात में 6,600 अरब रूपये के रियल स्टेट निवेश सौदों पर हस्ताक्षर किये. इसके बाद इस साल जुलाई में नरेंद्र मोदी जी ने मुख्यमंत्री के रूप में लगातार 2,063 दिन पूरे कर लिए थे, जिसके चलते उन्होंने सबसे अधिक दिनों तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद को संभालने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में 
मोदी जी का यह रिकॉर्ड आगे भी कायम रहा, सन 2007 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी जी ने दोबारा जीत हासिल की और वे वहां के तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गये. इस कार्यकाल के दौरान मोदी जी ने राज्य में आर्थिक विकास के बारे में अधिक ध्यान दिया, और साथ ही निजीकरण पर भी ध्यान केन्द्रित किया. उन्होंने भारत को आकार देने के लिए ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग एपीसेंटर के रूप में अपनी नीतियों को प्रोत्साहित किया. मोदी जी के मुख्यमंत्री बनने के इस कार्यकाल में गुजरात में कृषि विकास दर में काफी वृद्धि हुई थी. इसकी वृद्धि इतनी थी, कि यह भारत के अन्य राज्यों की तुलना में काफी विकासशील राज्य बन गया था. मोदी जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई की व्यवस्था की जिससे कृषि को बढ़ाने में मदद मिली. सन 2011 से 2012 के बीच में मोदी जी ने गुजरात में सद्भावना / गुडविल मिशन शुरू किया. जोकि राज्य में मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने के लिए शुरू किया गया था. मोदी जी ने कई उपवास भी किये और उनका मानना था कि यह कदम गुजरात की शांति, एकता और सद्भावना के माहौल को और अधिक मजबूत करेगा.

चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में
सन 2012 में मोदी जी का तीसरी बार मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त हो गया. और इस साल फिर से गुजरात में विधानसभा चुनाव आयोजित हुए. और हर साल की तरह इस साल भी मोदी जी ने ही जीत हासिल की और उन्हें चौथी बार भी गुजरात के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के लिए नियुक्त कर दिया.
इसलिए मोदी जी को राज्य में समृद्धि और विकास लाने का श्रेय दिया गया. इसके चलते गुजरात सरकार के प्रमुख के रूप में उस दौरान मोदी जी ने एक सक्षम शासक के रूप में अपनी पहचान बना ली थी. उन्हें राज्य की अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए भी श्रेय दिया जाता है. इसके अलावा मोदी जी को उनकी और उनकी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन में सबसे आगे रखा गया, क्योंकि वे न केवल पार्टी के सबसे प्रतिभाशाली नेता थे, बल्कि उनके अंदर प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में प्रतिभा थी. हालाँकि कुछ लोगों का मानना था, कि राज्य लोगों के विकास, शिक्षा, पोषण और गरीबी मिटाने में बहुत अच्छी रैंक पर नहीं है. लेकिन फिर भी उनके कार्यों एवं उनकी नीतियों के कारण लोग उन्हें पसंद करते थे.
नरेंद्र मोदी जी की सन 2014 के आम चुनाव में भूमिका 
  • नरेंद्र मोदी जी के चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के एक साल बाद जून में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया. और वे इस तरह से सन 2014 में होने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में दिखाई दिए. जिसके चलते मोदी जी को अपना गुजरात का मुख्यमंत्री पद त्यागना पड़ा. हालांकि उस दौरान लाल कृष्ण आडवाणी जी के साथ बीजेपी के कुछ सदस्यों ने इस चीज का विरोध किया था. किन्तु फिर भी मोदी जी ने उस दौरान वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी. और आने वाले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी जगह बना ली थी.
  • इस चुनाव के दौरान मोदी जी ने पूरे देश में लगभग 437 चुनावी रैलियां की, इन रैलियों में मोदी जी ने कई सारे मुद्दों को जनता के सामने रखा, जिससे जनता ने प्रभावित होकर बीजेपी को वोट दिया. फिर सन 2014 के आम चुनावमें बीजेपी की जीत एक ऐतिहासिक जीत बन गई थी. इस साल बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर 534 में से 282 सीटें अपने नाम की. और इस तरह से नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्रीके रूप में एक नया चेहरा बन गये.
नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में
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प्रधानमंत्री पद के लिए जीत हासिल करने के बाद 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की और इस तरह से वे देश के 14 वें प्रधानमंत्री नियुक्त हो गये. नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों को उनसे काफी उम्मीदें होने लगी. प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी ने भारत में कई विकास कार्य किये. उन्होंने विदेशी व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया. मोदी जी ने विभिन्न नियमों, परमिट्स और इंस्पेक्शन लागू किये, जिससे कि व्यवसाय अधिक एवं आसानी से बढ़ सके. मोदी जी ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर कम खर्च किया, और स्वास्थ्य सेवा की तरफ अधिक ध्यान केन्द्रित किया. इसके अलावा मोदी जी ने हिंदुत्व, रक्षा, पर्यावरण एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई कार्य किये.
लोकसभा चुनाव 2019 में नरेन्द्र मोदी जी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने 
2019 लोकसभा चुनाव में मोदी जी का परचम फिर छाया रहा. मोदी क्रांति ने दुसरे दलों को बहुत पीछे छोड़ दिया. नरेन्द्र मोदी जी की पूर्ण बहुमत के साथ 303 सीट प्राप्त कर अभूतपूर्व जीत हुई. भारत के इतिहास में पहली बार है कि किसी नेता ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल की है. भारत की जनता ने इस बार अपना प्रधानमंत्री खुद चुना है, और सबने मोदी जी पर पूर्ण विश्वास दिखाया है. मोदी लहर कहो या मोदी क्रांति, इस बार भारत के ये लोकसभा चुनाव पूरी दुनिया में छाए रहे. मोदी की वाहवाही चारों और थी. नरेन्द्र मोदी जी के पिछले पांच सालों के काम से जनता बहुत खुश थी, जिसके चलते जनता उन्हें एक बार और मौका देना चाहती थी. उन्नत भारत के लिए लोगों को मोदी जी से बहुत उम्मीद है. मोदी जी ने भी कहा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास = विजयी भारत”. मोदी जी ने इस जीत को बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल बोला. मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में अगली पारी शुरू कर रहे है, हमें उम्मीद है कि पिछली बार की तरह वे पुरे देशवासियों की उम्मीद में खरे उतरेंगें, और भारत देश को नई ऊँचाइयों में ले जायेंगें.
नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण योजनायें (
सन 2014 से लेकर अब तक के कार्यकाल में मोदी जी ने कई महत्वपूर्ण योजनायें एवं पहलों की शुरुआत की. जिनमें से कुछ के बारे में जानकारी इस प्रकार है –
  • स्वच्छ भारत अभियान :- यह अभियान भारत का बड़े स्तर पर शुरू किया गया अभियान है, जिसके अंतर्गत देश में स्वच्छता और ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों शौचालय का निर्माण किया गया.
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना :- यह योजना देश के किसानों के बैंकों में खाते खुलवाने के लिए शुरू की गई थी. जिसके तहत किसानों के मुफ्त में खाते खोले गए एवं किसानों को दी जाने वाली सहायता उनके बैंक खाते में जमा की गई.
  • प्रधानमंत्री उज्जवाला योजना :- इस योजना के तहत गरीब परिवार की महिलाओं को सम्मान देते हुए उन्हें एलपीजी गैस सिलिंडर प्रदान किये गये.
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना :- इस योजना के तहत फसलों की अच्छी तरह से सिंचाई हो सकें एवं कृषि कार्य को बेहतर दिशा मिल सके. इसलिए इस योजना की शुरुआत की गई.
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना :- इस योजना में फसल के लिए किसानों को बीमा प्रदान किया गया. ताकि यदि उनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं के कारण ख़राब हो जाती है तो उन्हें बीमा का पैसा मिल सके.
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना :-प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं के कौशल के विकास के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने की सुविधा दी गई.
  • मेक इन इंडिया :- प्रधानमंत्री मोदी जी ने सत्ता में आने के बाद कुछ बहुत ही अहम अभियान चलाये, उन्हीं में से एक ‘मेक इन इंडिया’ अभियान था. जिसके तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहित कर उनके विकास के लिए कार्य किये गये.
  • गरीब कल्याण योजना :- इस योजना के तहत गरीबों के कल्याण एवं उन्हें बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए कार्य किया गया.
  • सुकन्या समृद्धि योजना :- इस योजना को शुरू करने का प्रधानमंत्री जी का उद्देश्य छोटी बच्चियों के सशक्तिकरण के लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना था.
  • प्रधानमंत्री आवास योजना :- इस योजना के अंतर्गत गरीबों को किस्तों के आधार पर खुद का घर बनने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई.
  • डिजिटल इंडिया प्रोग्राम :- प्रधानमंत्री जी ने इस प्रोग्राम को शुरू कर देश में अर्थव्यवस्था को डिजिटल करने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से भी डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए अपील की.
इस तरह से नरेंद्र मोदी जी ने अपने अब के कार्यकाल में और भी कई अन्य महत्वपूर्ण योजनायें एवं अभियान जैसे नमामि गंगे, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, सर्व शिक्षा अभियान, स्टैंड अप इंडिया आदि चलायें, जोकि पूरी तरह से देश के विकास के लिए थे.
नरेंद्र मोदी जी के मुख्य कार्य 
गुजरात के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री दोनों के रूप में मोदी जी ने कई सारे महत्वपूर्ण फैसले लिए, एवं इनके कार्यकाल में लिए गये कुछ फैसलों की जानकारी इस प्रकार है –
  • भूमिजल संरक्षण प्रोजेक्ट :- गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शासन के दौरान सरकार ने भूमिजल संरक्षण प्रोजेक्ट के निर्माण का समर्थन किया. इससे बीटी कॉटन की खेती में मदद मिली, जिससे नल कूपों से सिंचाई की जा सकती थी. इस तरह से गुजरात बीटी कॉटन का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया.
  • नोटबंदी :- प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरानमोदी जी ने नोटबंदी जैसा बहुत ही अहम फैसला लिया. जिसके तहत मोदी जी ने 500 एवं 1000 के पुराने नोट बंद कर दिये एवं इसके स्थान पर 2000 एवं 500 के नये नोट जारी किये. यह मोदी जी द्वारा लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला था.
  • जीएसटी :- नरेंद्र मोदी जी ने नोटबंदी करने के बाद देश में जितने भी टैक्स लगाये जाते थे, उन्हें एक साथ सम्मिलित कर दिया और एक टैक्स जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विस टैक्सलागू किया.
  • सर्जिकल स्ट्राइक :- प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2016 में उरी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना के साथ मिलकरसर्जिकल स्ट्राइक करने के फैसला लिया.
  • एयर स्ट्राइक – इसके बाद उन्होंने साल 2019 में फरवरी में हुए पुलवामा हमले के बाद देश के सभी सुरक्षा बलों को पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी प्रकार का एक्शन लेने के लिए खुली छूट दे दी, जोकि बहुत ही बड़ा ऐलान था. इसके बाद फरवरी में ही वायुसेना द्वारा एयर स्ट्राइक की गई थी.
ऊपर दिए हुए मुख्य कार्यों के अलावा प्रधानमंत्री जी खाते में आने वाले कुछ अन्य कार्य जैसे ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ की शुरुआत, गुजरात में ‘स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी’ का निर्माण, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का निर्माण आदि भी है. इसके अलावा विदेशी निवेशों के साथ मिलकर भारत में बुलेट ट्रेन लाने जैसे कार्यों में भी मोदी जी ने अपनी अहम भूमिका निभाई है. इन सभी के साथ ही मोदी जी ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने और दुनिया के अन्य देशों के साथ संबंधों को सुधारने के लिए बहुत बड़ा संकल्प भी दिखाया है.
नरेंद्र मोदी जी की उपलब्धियां 
नरेंद्र मोदी जी ने अपने अभी तक के जीवन में निम्न उपलब्धियां हासिल की हैं –
  • सन 2007 में इंडिया टुडे मैगज़ीन द्वारा किये गये एक सर्वे में मोदी जी को देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया था.
  • सन 2009 में एफडी मैगज़ीन में उन्हें एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ़ द ईयर पुरस्कार के एशियाई विजेता के रूप में सम्मानित किया गया.
  • इसके बाद मार्च सन 2012 में जारी टाइम्स एशियाई एडिशन के कवर पेज पर मोदी जी की फोटो छापी गई थी.
  • सन 2014 में मोदी जी का नाम फोर्ब्स मैगज़ीन में दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में 15 वें स्थान पर रहा. इसी साल टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली लोगों में भी मोदी जी का नाम सूचीबद्ध किया गया था.
  • सन 2015 में ब्लूमबर्ग मार्केट मैगज़ीन में मोदी जी का नाम दुनिया के 13 वें सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में था. और साथ ही इन्हें इसी साल टाइम मैगज़ीन द्वारा जारी इन्टरनेट सूची में ट्विटर और फेसबुक पर 30 सबसे प्रभावशाली लोगों में दूसरे सबसे अधिक फॉलो किये जाने वाले राजनेता के रूप में इन्हें नामित किया गया था.
  • सन 2014 एवं 2016 में मोदी जी का नाम टाइम मैगज़ीन के पाठक सर्वे के विजेता के रूप में घोषित किया गया था.
  • साल 2016 में ही अप्रैल माह की 3 तारीख को मोदी जी को सऊदी अरबिया का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार अब्दुलाज़िज़ – अल – सऊद के आदेश पर दिया गया था. एवं 4 जून को अफ़ग़ानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार घाज़ी आमिर अमानुल्लाह खान के राज्य आदेश पर दिया गया था.
  • साल 2014, 2015 एवं 2017 में भी मोदी जी का नाम टाइम मैगज़ीन में दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल था. एवं सन 2015, 2016 एवं 2018 को फोर्ब्स मैगज़ीन में दुनिया के 9 सबसे शक्तिशाली लोगों में शामिल था.
  • 10 फरवरी, सन 2018 में इन्हें विदेशी डिग्निटरीस के लिए पलेस्टाइन का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘पलेस्टाइन राज्य के ग्रैंड कोलार’ के साथ सम्मानित किया गया था.
  • 27 सितंबर, 2018 को नरेंद्र मोदी जी को चैंपियंस ऑफ़ अर्थ अवार्ड प्रदान किया गया था, जोकि यूनाइटेड नेशन का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है, और यह अवार्ड 5 अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी प्रदान किया गया था, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस की लीडरशिप के लिए और सन 2022 तक प्लास्टिक के उपयोग को खत्म करने के लिए संकल्प लिया था.
  • साल 2018 में ही 24 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ग्लोबल आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मोदी जी के योगदान के लिए उन्हें सीओल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
  • इस साल 22 फरवरी, सन 2019 को मोदी जी ने प्रतिष्ठित सीओल शांति पुरस्कार 2018 प्राप्त किया. और साथ ही मोदी जी का नाम दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना शुरू करने के लिए इस साल के ‘नॉबेल शांति पुरस्कार’ के लिए भी नामांकित किया गया है.
इस तरह से मोदी जी ने अपने मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री बनने के बाद तक के कार्यकाल में काफी सारी उपलब्धियां अपने नाम की है और आगे भी करते रहेंगे.

नरेंद्र मोदी जी विवाद एवं आलोचनाओं में 
  • सन 2002 में हुए गुजरात दंगे मोदी जी के करियर का सबसे बड़ा विवाद था, जिसके तहत आलोचकों का कहना था, कि मोदी जी इस दंगे को भड़काने के पीछे मास्टरमाइंड हैं.
  • सन 2002 में तीस्ता सीतलवाड़ ने गुलबर्ग सोसाइटी में अपने पति की हत्या के लिए मोदी जी को जिम्मेदार ठहराया था.
  • नरेंद्र मोदी जी का नाम इशरत जहाँ के फेक एनकाउंटर के लिए भी आया था. उन्हें इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था.
  • नरेंद्र मोदी जी के वैवाहिक स्थिति को लेकर भी आलोचकों द्वारा आलोचना की गई.
  • गुजरात दंगे में चूकि मोदी जी का नाम सामने आ रहा था, इसके चलते यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा उनका वीसा कैंसिल कर दिया गया था.
  • सन 2015 में नरेंद्र मोदी जी ने 10 लाख रूपये की कीमत का एक सूट पहना था, जिसमें उनका नाम ‘नरेंद्र मोदी’ लिखा हुआ था. इसके लिए आलोचकों द्वारा उनकी काफी अलोचना की गई थी.
  • 10 अगस्त 2018 में भारतीय संसद में पहली बार ऐसा हुआ था, कि प्रधानमंत्री की कोई टिप्पणी को राज्य सभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया था. राज्य सभा के उपाध्यक्ष के रूप में हरिवंशराय नारायण सिंह के चुनाव के बाद, अपने भाषण में, हरिवंश को बधाई देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, कि चुनाव ‘दो हरी’ के बीच में था.

नरेंद्र मोदी की किताबें 
मोदी जी से संबंधित एवं मोदी जी द्वारा लिखी गई कुछ किताबों की सूची नीचे प्रदर्शित की गई है –

नरेंद्र मोदी जी की रोचक जानकारी 
  • बचपन में मोदी जी भारतीय आर्मी में शामिल होना चाहते थे, और उन्होंने सैनिक स्कूल में शामिल होने के लिए कोशिश भी की. लेकिन वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से वे सैनिक स्कूल में दाखिला नहीं ले सके.
  • 17 साल की उम्र में मोदी जी ने अपना घर छोड़ दिया था और वे भारत के अलग – अलग हिस्सों में यात्रा करने के लिए गए.
  • प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपना अधिकारिक निवास अपने किसी भी परिवार के सदस्य के साथ साझा नहीं किया.
  • उन्होंने यूनाइटेड स्टेट में इमेज मैनेजमेंट एवं पब्लिक रिलेशन पर 3 महीने का कोर्स किया था.
  • मोदी जी स्वामी विवेकानंद जी को बहुत मानते थे, वे उनके महान अनुयायी थे.
  • बराक ओबामा के बाद नरेंद्र मोदी जी ट्विटर पर दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा फॉलोवर वाले नेता है, इनके लगभग 12 मिलियन से भी अधिक फॉलोवर हैं. मोदी जी एवं बराक ओबामा दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी हैं.
  • नरेंद्र मोदी जी सन 2010 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे, तब गुजरात दुनिया का दूसरा सबसे अच्छे राज्य के रूप में उभरा था.
  • मोदी जी ने अपने 13 साल के गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली थी.
  • नरेंद्र मोदी जी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर, फेसबुक एवं इन्स्टाग्राम में सक्रीय रहते हैं, इसके चलते इन्हें भारत का सबसे टेक्नो – प्रेमी नेता माना जाता है.
  • मोदी जी हमेशा हिंदी भाषा में हस्ताक्षर करते हैं, फिर चाहे वह कोई आकस्मिक अवसर हो या अधिकारिक दस्तावेज हो.
  • सन 2016 में लंदन के मेडम टूसौद वैक्स म्यूजियम में मोदी जी का एक वैक्स स्टेचू बनाया गया है.
  • नरेंद्र मोदी जी असल में बहुत धार्मिक है, और वे हर साल नवरात्र के दौरान पूरे 9 दिन उपवास करते हैं, भले ही वह यात्रा ही क्यों न कर रहे हों.
  • मोदी जी दिन में केवल 5 घंटे या उससे कम ही सोते हैं.
  • मोदी जी को उनकी ड्रेसिंग में बहुत स्टाइलिश होने के लिए जाना जाता है. उन्हें पारंपरिक भारतीय पोशाक काफी पसंद है.
नरेंद्र मोदी जी के सुविचार 
  • एक बार जब हम यह तय कर लेते हैं कि हमें कुछ करना है, तो हम मीलों आगे जा सकते हैं.
  • हम में से सभी के पास अच्छे और बुरे दोनों गुण हैं, जो लोग अच्छे गुणों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं वे लोग सफल होते हैं.
  • बन्दूक के साथ आप पृथ्वी को लाल बना सकते हैं, लेकिन यदि आपके पास हल हैं तो आप पृथ्वी को हरा बना सकते हैं.
  • हर किसी में सपने देखने की शक्ति होती है. लेकिन सपनों को संकल्पों में बदलना चाहिए. कभी किसी विचार को मरने नहीं देना चाहिए.
  • भारत एक युवा देश है, इतने बड़े प्रतिशत वाले देश में न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व के भाग्य को बदलने की क्षमता है.
  • मंगल मिशन की सफलता के बाद कोई भी भारत के युवाओं पर सवाल नहीं उठा सकता है. सब कुछ स्वदेशी है.
नरेंद्र मोदी जी हमारे देश की ऐसी हस्ती है जिन्हें लोग कभी नहीं भूल सकते हैं. साल 2019 के आम चुनाव में मोदी जी दोबारा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में दिखाई दे रहे हैं. उम्मीद करते हैं कि एक बार फिर से मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने और देश को विकास की ओर ले चलें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की बायोपिक फिल्म ‘नमो’ का रिव्यू 
कुछ समय पहले की ही बात की जाये तो हमारे देश के 13 वें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की बायोपिक फिल्म बनी थी. जोकि काफी विवादित होने की वजह से ज्यादा चल नहीं पाई थी. और अब हमारे देश के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की बायोपिक आने वाली है.
फिल्म ‘नमो’ की कहानी 

इस फिल्म की कहानी नरेंद्र मोदी जी के जीवन पर आधारित है, कि वे कैसे प्रधानमंत्री बने एवं प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने किस तरह से देश को संभाला. इस फिल्म का अधिकारिक ट्रेलर 20 मार्च 2019 को रिलीज़ किया गया है. इस फिल्म के ट्रेलर के अनुसार प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के कार्यकाल में लगे आपातकाल के समय नरेंद्र मोदी जी की क्या भूमिका थी, यह भी इस फिल्म में दिखाया जा रहा है. 
फिल्म ‘नमो’ रिलीज़ की तारीख 
फिल्म ‘नमो’ की रिलीज़ तारीख की घोषणा वैसे तो 5 अप्रैल 2019 निश्चित की गई थी. किन्तु अब  इस फिल्म को लोकसभा चुनाव के बाद 24 मई 2019 को रिलीज़ किया गया है. चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा एनएसयूआई गोवा, ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर फिल्म की स्क्रीनिंग पर प्रतिबन्ध लगाने का दावा किया था और कहा है कि यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करता है.
फिल्म ‘नमो’ के कास्ट एवं क्रू मेम्बर 
फिल्म ‘नमो’ में मुख्य किरदार यानि नरेंद्र मोदी जी के रूप में अभिनेता विवेक ओबेरॉय नजर आने वाले हैं. इसके साथ ही वे इस फिल्म के को – राइटर भी हैं. इस फिल्म में विवेक ओबेरॉय का पहला लुक जनवरी 2019 में रिलीज़ किया गया था. हालाँकि इस फिल्म में नरेंद्र मोदी जी के किरदार के लिए परेश रावल को चयनित किया गया था, किन्तु उन्होंने इस प्रोजेक्ट को किसी कारण से करने से मना कर दिया था. इस फिल्म को 23 विभिन्न भाषाओँ में रिलीज़ किया जाना है, जिसमें हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों शामिल हैं. इस फिल्म में विवेक ओबेरॉय के अलावा बोमन ईरानी रतन टाटा के रूप में, मनोज जोशी अमित शाह के रूप में और किशोरी शहाने इंदिरा गांधी जी के किरदार में नजर आने वाले हैं.
फिल्म के क्रू मेम्बर की बात करें, तो फिल्म ‘नमो’ का निर्देशन उमंग कुमार द्वारा किया गया है. इस फिल्म को सुरेश ओबेरॉय, संदीप सिंह और आनंद पंडित जी द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है. इसके अलावा इस फिल्म में हर्ष लिम्बचिया, अनिरुद्ध चावला और विवेक ओबेरॉय ने लेखन किया है.
इस फिल्म के रिलीज़ होने के बाद भारत के देशवासियों की मोदी जी के प्रति क्या प्रतिक्रिया होती है यह देखना काफी दिलचस्प होगा.

07 जनवरी 2019

7:17 pm

World's top 5 movies which no one can compete with

Hello friends welcome you on our channel, today we will tell you about 5 movies which are occasionally made.

5. The Dark Knight - The superhero movie 'The Dark Knight' made on Christopher Nolan's directed DC Comic is made on Batman and Joker's character. Villain was liked more than Hero. Best movies like Christian Bale, Michael Can and Heath Ledger starrer 'The Dark Knight' are rarely made.

4. Titanic - World's epic romantic love story film 'Titanic' was released in 1997. As soon as the release was made, the film had made tremendous earnings worldwide. A film like 'Titanic' directed by James Rooms has not been made till today.

3. Gadar - Sunny Deol and Ameesha Patel's unique love Story-made movie 'Gadar' is an Indian film released in 2001. Directed by Anil Sharma, the film was released in the country and the world was released. Such films are occasionally made in Bollywood.

2. Inception - directed by Christopher Nolan and Leonardo DiCaprio starrer film 'Inception' is a science fiction action film released in 2010. Kamal's technology has been used in this movie. Even films like 'Inception' are made occasionally.

1. Avatar - World's best science fiction film 'Avatar' was released in the year 2009. The film is titled by Titanic Director James Rooms. 2 from the world The 788 billion-earning film 'Avatar' has no match.

04 जनवरी 2019

10:26 am

मशहूर कलाकार धर्मेंद्र के जीवन पर बनी पुस्तक : docu-dharma

अभिनेता धर्मेंद्र ने 1960 में दिल मेरा तेरा हम भी तेरे से फिल्मी सफर शुरू किया और बॉलीवुड के ही-मैन की छवि बनाने के लिए आगे बढ़े।

     इस किताब में Sunny deyol के पिता, महान अभिनेता धर्मेंद्र की बचपन से लेकर अब तक की ज़िंदगी के सफल नायक बनने तक की यात्रा को शामिल किया जाएगा, ऐसा उनके अभिनेता बेटे सनी देओल का कहना है।

"A docu- dharma  पुस्तक मेें पापा के जीवन पर पर काम किया जा रहा है। वह अपनी फिल्मों के सबसे छोटे विवरणों को याद करते हैं, जिन लोगों से वह अपने जीवन के दौरान मिले थे और वह जीवन जो पंजाब में रहते थे, फिल्म स्टार बनने से पहले वह मुंबई आए थे। सनी ने एक बयान में कहा, "एक टीम उनसे और उनकी यात्रा से जुड़े अन्य लोगों से बात कर रही है।"

     एक टीम जिसमें लेखक, कैमरा क्रू और अन्य तकनीशियन शामिल हैं, को अंतिम रूप दे दिया गया है और पिछले आठ दशकों में धर्मेंद्र के जीवन को घेरने वाले docu-dharma पर काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, एक टीम एक पुस्तक पर काम कर रही है जिसमें अभिनेता के उपाख्यानों और उनके फिल्म सेट और व्यक्तिगत मील के पत्थर की फोटोग्राफिक यादें शामिल होंगी।

       धर्मेंद्र ने 1960 में दिल मेरा तेरा हम भी तेरे से फिल्मी सफर शुरू किया और दारा सिंह के बाद बॉलीवुड के ही-मैन की छवि बनाने के लिए आगे बढ़े।

     उन्होंने सभी शैलियों की फिल्मों में डबिंग की थी - प्रखर बंदिनी और सत्यकाम से लेकर राजा जानी और प्रतिज्ञा जैसे पोटबॉयलर तक, और शोले और चुपके चुपके में सही समय के साथ एक कॉमिक कलाकार के रूप में।