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15 जुलाई 2019

11:09 am

दुनिया की इन 3 देशों के पास है सबसे ज्यादा सोना, पहला नाम जानकर यकीन नहीं करोगे

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे चैन,ल पर, भारत में लोगों को सोना काफी ज्यादा पसंद है भारत में महिलाओं को सोना और भी ज्यादा पसंद है महिलाएं अपने आभूषण के तौर पर सोने का उपयोग करती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना भारत के पास होगा लेकिन ऐसा नहीं है दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो सोने के मामले में भारत से आगे हैं।

किसी भी देश के पास जितना ज्यादा सोना होगा उस देश की अर्थव्यवस्था उतनी ज्यादा मजबूत होगी सोना एक प्रकार का धातु है जो किसी भी देश की मुश्किल परिस्थिति में मदद कर सकता है। आज हम आप लोगों को दुनिया के 3 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सबसे ज्यादा सोने का भंडार है।

इन 3 देशों के पास है सबसे ज्यादा सोना-

3. इटली
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इटली दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोना है। इटली को एक दुनिया का अमीर देश माना जाता है इटली की अर्थव्यवस्था दुनिया कई देशों की तुलना में काफी मजबूत है। इटली एक विकसित देश माना जाता है। इटली यूरोप का एक अमीर देश माना जाता है जिसके पास लगभग 2,452 टन सोना है।

2. जर्मनी

जर्मनी दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है। जर्मनी को भी दुनिया का एक विकसित और मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश माना जाता है। जर्मनी के लोगों का रहन सहन भी दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी उच्च माना जाता है। जर्मनी के पास लगभग 3,381 टन सोना मौजूद है।

1. अमेरिका

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अमेरिका दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली, अमीर और विकसित देश माना जाता है। अमेरिका दुनिया का सबसे विकसित देश है जिसके पास काफी ज्यादा धन दौलत मौजूद है। अमेरिका का में लगभग सबसे ज्यादा करोड़पति लोग रहते हैं भले ही अमेरिका के लोग सोने के आभूषण पहनना पसंद नहीं करते हैं लेकिन अमेरिकी सरकार के पास काफी ज्यादा मात्रा में सोने का भंडार है। अमेरिका के पास लगभग 8,133 टन सोना है।

हमें उम्मीद है आप लोगों को हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद जरूर आई होगी ऐसे ही जानकारी के लिए पोस्ट को लाइक और शेयर करना ना भूले।

21 मार्च 2019

8:40 am

इतिहास की वह हसीन स्त्री जिस पर भारत के इस सम्राट ने सब कुछ लुटा दिया

दोस्तों भारत के सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ग्रीस के राजा सेल्युकस से की लड़की हेलेना से बहुत प्यार करते थे। जब चन्द्रगुप्त ने हेलेना को पहली बार देखा तो उन्होंने हेलेना से शादी करने का निर्णय कर लिया था। दोस्तों हेलेना और चन्द्रगुप्त मौर्य सबसे पहले एक युद्ध के मैदान में मीले थे।

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सिकंदर महान के सेनापति सेल्यूकस निकेटर की बेटी का नाम हेलेना था़  एक दिन हेलेना ने चंद्रगुप्त को सात-सात सैनिकों के साथ तलवारबाजी करते देखा. एक साथ सातों उनके ऊपर वार करते और वह हंसते-हंसते उनके वारों को काट डालत़े  तभी वह उन्हें अपना दिल दे बैठी. एक तरह से चंद्रगुप्त और हेलेना की शादी यूनानी और भारतीय संस्कृति का मिलन थी और संदेश यह कि युद्ध पर प्यार भारी पड़ता है़ हेलेना सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर की बेटी थी़  चूंकि सिकंदर का कोई वारिस नहीं था, इसलिए उसकी मौत के बाद उसके साम्राज्य को उसके सेनापतियों ने आपस में बांट लिया़  सेल्यूकस को साम्राज्य का पूर्वी हिस्सा प्राप्त हुआ, जिसमें भारत का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा भी शामिल था़  सेल्यूकस की बेटी हेलेना एक अपूर्व सुंदरी थी, जिसे अपना बनाने की चाहत कई यूनानी नौजवान रखते थ़े  लेकिन हेलेना की आंखें तो किसी और को ढूंढ़ रही थीं और वह थे चंद्रगुप्त मौर्य. दरअसल बात उन दिनों की है, जब चंद्रगुप्त अपने गुरु चाणक्य की देख-रेख में वाहीक प्रदेश में युद्ध विद्या का अभ्यास कर रहे थ़े  वह अभी पाटलीपुत्र के राजा नहीं बने थ़े  एक दिन हेलेना ने देखा कि एक रोबीला और सुगठित शरीर वाला नौजवान एक साथ सात-सात सैनिकों से तलवार पर हाथ आजमा रहा है.  एक साथ सातों उसके ऊपर वार करते और वह हंसते-हंसते उनके वारों को काट डालता़  अपने वार को बार-बार खाली जाता देख वे सातों खीझ उठे और अब वे अभ्यास के लिए नहीं, बल्कि घातक वार करने लगे, लेकिन वह नौजवान तो अब भी हंसे जा रहा था और आसानी से उनके वारों को विफल कर रहा था़   यह नौजवान चंद्रगुप्त मौर्य था, जिसके सुंदर रूप, शालीन व्यवहार और तलवारबाजी के दावं-पेंच से हेलेना मंत्नमुग्ध होकर उन्हें अपना दिल दे बैठी़  हेलेना हमेशा चंद्रगुप्त को एक नजर देखने का बहाना ढूंढ़ने में लगी रहती. यहां तक कि उसने अपने विश्वस्त सैनिकों और दासियों को चंद्रगुप्त की दिनचर्या पर नजर रखने के लिए लगा दिया था. इस बीच चंद्रगुप्त चाणक्य की मदद से नंद वंश का नाश करने में सफल हो गये और उन्होंने उत्तर भारत में अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया़ चंद्रगुप्त को इस बात की कोई भनक नहीं थी कि हेलेना उनसे प्यार करती है़   एक बार वह अपनी राज-व्यवस्था के सिलिसले में पाटलीपुत्र से वाहीक प्रदेश पहुंच़े  एक दिन वह अपने कुछ सैनिकों के साथ झेलम नदी के किनारे घोड़े पर बैठे घूम-फिर रहे थ़े   उन्होंने देखा कि कई सुंदर युवतियों के बीच एक युवती आराम फरमा रही है. चंद्रगुप्त को उसके बारे में जानने की इच्छा हुई़  वह अपने घोड़े से उतरकर दबे पांव आगे बढ़़े अब युवती का मुखड़ा उनके सामने था, जिसे देख कर चंद्रगुप्त को ऐसा लगा जैसे आकाश में अचानक चांदनी छिटक आयी हो़  उनका दिल हेलेन के गेसुओं में गिरफ्तार हो गया़   अब चंद्रगुप्त की दशा भी वैसी ही हो गयी, जैसी कल तक हेलेना की थी़  यह दो अजनबियों का अनोखा प्यार था़  वे मिलना तो चाहते थे, लेकिन मिलें कैसे? ऐसे में चंद्रगुप्त की मदद की उनके एक मित्र ने, जिन्होंने ऐसे कामों के लिए प्रशिक्षित रानी कबूतरी के जरिये हेलेना तक चंद्रगुप्त के प्यार का पैगाम भिजवाया़ इसमें चंद्रगुप्त ने अपना हृदय निकाल कर रख दिया था़  वह पैगाम पढ़ कर हेलेना की खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. चंद्रगुप्त का रोबीला रूप उसके सामने आ गया़  इसके जवाब में हेलेना ने लिखा, मैं तो सिर्फ आपकी अमानत हूं, आइए और मुझे ले जाइए़  पर मन भय से कांपता है कि कहीं हमारा प्यार मेरे पिता को स्वीकार होगा भी या नहीं. मुझे लगता है कि मेरे पिता हमारे मिलन के लिए तैयार नहीं होंगे, पर क्या सिर्फ एक बार, हमारी मुलाकात नहीं हो सकती है? कहते हैं कि अगर किसी को सच्चे दिल से प्यार किया जाये, तो सारी कायनात उसे एक करने में जुट जाती है़  यही इन प्रेमियों के साथ हुआ़ दरअसल, बेबिलोनिया से लेकर भारत तक सेल्यूकस निकेटर के साम्राज्य के स्थानीय क्षत्नप बगावत के बिगुल बजाने लगे थे, जिससे वह परेशान था़ इस बीच हेलेना बेबिलोनिया चली गयी़  चंद्रगुप्त की तो जैसे जिंदगी चली गयी़   क्षत्रपों की बगावत कुचलने के लिए सेल्यूकस को भारत में मदद की जरूरत थी और उसकी यह जरूरत तब सिर्फ चंद्रगुप्त ही पूरी कर सकते थ़े  उसने मदद मांगी और चंद्रगुप्त ने विद्रोहियों को दबाने में उसकी मदद की़  इस एहसान तले दबे सेल्युकस ने चंद्रगुप्त से पूछा, आप मेरे योग्य कोई सेवा बतायें, मैं तन-मन-धन से उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा़ चंद्रगुप्त ने कहा, भगवान की कृपा से मेरे पास सब कुछ है. बस केवल एक चीज नहीं है, लेकिन वह आपके पास है. अगर मैं वह मांगूं तो क्या आप दे सकते हैं. समझिए, जिंदगी का सवाल है़   सेल्यूकस ने कहा, सम्राट! अगर यह आपकी जिंदगी का सवाल है, तब तो मैं इसे मौत की कीमत पर भी आपके हवाले कर दूंगा़  चंद्रगुप्त ने बड़ी शालीनता से कहा, अगर मैं आपकी बेटी हेलेना का हाथ मांगूं तो क्या आप स्वीकार करेंगे? सेल्यूकस ने कहा, मुझे हेलेना का हाथ आपके हाथ में देने में कोई गुरेज नहीं, लेकिन उसकी रजामंदी तो जाननी होगी़   वह सोच रहा था कि उसकी बेटी किसी हिंदुस्तानी को अपने शौहर के रूप में अपनाने को शायद राजी न हो, लेकिन तब उसे आश्चर्य हुआ, जब हेलेना ने चंद्रगुप्त के साथ विवाह के प्रस्ताव को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया़  इतिहासकार लिखते हैं कि चंद्रगुप्त भव्य बारात लेकर हेलेना से विवाह करने पहुंचा था़  |
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 विवाह के बाद चंद्रगुप्त हेलेना को लेकर पाटलीपुत्र आ गये. यही हेलेना बिंदुसार की सौतेली मां बनी़  एक तरह से चंद्रगुप्त और हेलेना की शादी यूनानी और भारतीय संस्कृति का मिलन थी और संदेश यह कि युद्ध पर प्यार भारी पड़ता है़

हेलेना ने जब चन्द्रगुप्त से शादी की थी तो वह हेलेना के प्यार में इतने खो गए कि अखण्ड भारत बनाने के सपने को भी भूल गए थे और अपना सब कुछ हेलेना पर लुटाने लगे तब चाणक्य ने उनको अखण्ड भारत का सपना दिखाया था।


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04 मार्च 2019

9:48 am

दुनिया कि सबसे शक्तिशाली 10 मिसाइलें || world top ten missile


       हम 21वीं शताब्दी में परमाणु बम और मिसाइलों के युग में रह रहे हैं. दुनिया में सबसे शक्तिशाली मिसाइलों में से कुछ मिसाइल रूस, चीन अमरीका और भारत के पास हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी का भविष्य है.
      द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ हथियार बनाने के दौड़ में बड़ी संख्या में रक्षा सामग्री का उत्पादन कर रहे थे. दुनिया में शान्ति बनाए रखने के लिए राष्ट्रों ने परमाणु बम और परमाणु हथियारों को लेकर विभिन्न संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं.
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       लेकिन, अभी भी बड़ी संख्या में हर साल मिसाइल ओर परमाणु बम का उत्पादन होता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि दुनिया की 7 सबसे खतरनाक मिसाइल कौन सी हैं, इनकी मारक क्षमता क्या है और इनके निर्माण में किन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है इत्यादि.

ब्रह्मोस

     दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल ने भारतीय वायु सेना की ताकत काफी बढ़ा दी है। इसे डीआरडीओ ने रूस के साथ ब्रह्मोस एयरोस्पेस नाम के जॉइंट वेंचर के माध्यम से विकसित किया है। ब्रह्मोस को धरती, समुद्र या हवा कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है। इस मिसाइल की रफ्तार ध्वनि की गति से भी तीन गुना ज्यादा है। हाल में इसकी रेंज 290 किमी. से बढ़ाकर 450 किमी. की गई थी। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है और रडार की पकड़ में नहीं आती। 
         ब्रह्मोस का 12 जून, 2001 को सफल लॉन्च किया गया था। इसका नाम भारत की नदी (ब्रह्मपुत्र) और रूस की नदी (मस्कवा) को मिलाकर रखा गया है। दुनिया में किसी भी एयर फोर्स के लिये यह मिसाइल गेम चेंजर साबित हो सकती है। 22 नवंबर, 2017 को भारत ने लड़ाकू विमान सुखोई से इस विमान को सफलतापूर्वक दागा। दागी जाने वाली इस मिसाइल का वजन 2.5 टन था। यह सुखोई विमान पर तैनात किया जाने वाला अब तक का सबसे भारी हथियार था। 


निर्भय मिसाइल

       निर्भय मिसाइल 300 किलोग्राम परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है और 1000 किलोमीटर के दायरे में स्थित ठिकानों को निशाना बना सकती है। इसके अलावा यह काफी नीची ऊंचाई पर भी उड़ सकती है। निर्भय क्रूज मिसाइल हर मौसम में काम कर सकती है। मिसाइल के सटीक निशाने के लिए इसमें बेहद उच्च स्तरीय नेवीगेशन सिस्टम लगा है. 


LGM-30 Minuteman, अमेरिका

        LGM-30 Minuteman एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) है। 13,000 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाले यह मिसाइल एक साथ 3 परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है। यह एक साथ ही तीन अलग-अलग ठिकानों को तबाह कर सकता है। अमेरिकी सेना ने इसे ट्राइडेंट मिसाइल सिस्टम से लैस करके दुनिया की सबसे मारक मिसाइल बना दिया है। फिलहाल ये अमेरिकी सेना में शामिल इकलौती अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल है।


R-36, रूस

         यह दुनिया की सबसे लंबी दूरी तक मारे करने वाली मिसाइल है। 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से चलने वाली यह मिसाइल 16 हजार किलोमीटर तक लक्ष्य को भेद सकती है। परमाणु हथियारों के अलावा दुनिया की सबसे ज्यादा विस्फोटक अपने साथ ले जाने में सक्षम मिसाइल भी है। यह अपने साथ 550 किलोग्राम वजनी परमाणु बम ले जाने में सक्षम है। ये एक साथ 10 से ज्यादा ठिकानों पर निशाना साधने में रक्षम है। इसे शुरुआत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए बनाया गया था, लेकिन बाद में मारक मिसाइल में तब्दील कर दिया गया। 


DF-41, चीन

           इस मिसाइल की मारक क्षमता 14 हजार किलोमीटर है। 8.16 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से चलने वाली यह मिसाइल दुनिया की दूसरी सबसे लंब दूरी तय कर मार करने वाली मिसाइल है जिसें चीन ने बनाया है। चीन इसी मिसाइल के दम पर अमेरिका, जापान और भारत समेत पूरी दुनिया को आंख दिखाता है।


M51, फ्रांस 

            फ्रांस द्वारा निर्मित यह M51 एसएलबीएम यानि बैलिस्टिक मिसाइल है। यह ईएडीएस एस्ट्रियम अंतरिक्ष परिवहन द्वारा डिजाइन किया गया था और फ्रांसीसी नौसेना द्वारा प्रयोग किया जाता है। यह मिसाइल अपने साथ 8 से 10 थर्मोन्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम है और इसे पानी के अंदर पनडुब्बी से भी दागा जा सकता है। 


UGM-133 Trident ll, अमेरिका

             अमेरिकी हथियार निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन की ओर से विकसित की गईं ये बैलिस्टिक मिसाइल पानी से भी दागी जा सकती हैं। चीन की DF-41 से इतर ये मिसाइल पनडुब्बियों पर भी तैनात हैं, जिनकी जद में पूरी दुनिया है। इस मिसाइल का इस्तेमाल सिर्फ अमेरिका और ब्रिटेन की रॉयल नेवी करती है। परमाणु हथियारों से लैस ये मिसाइल एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। 1983 में विकसित इस मिसाइल को अमेरिकी और ब्रिटिश सेना 1990 से इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी मारक क्षमता 7840 किलोमीटर तक है।


Jericho lll, इजरायल

              इजरायल की हथियार प्रणाली बेहद गोपनिय होती है और जनता के बीच इनकी जानकारी बेहद कम है। Jericho lll इजरायल द्वारा निर्मित अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईएसबीएम) है। यह लगभग परमाणु हथियारों सहित 1000 किलो का विस्फोटक ले जा सकता है। इसकी रेंज 2000 किमी से लेकर 11,500 किलोमीटर तक होने का अनुमान लगाया गया है।


Tomahawk, अमेरिका

            इस मिसाइल का उपयोग अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक युद्ध में किया था। टॉमहॉक क्रूज मिसाइल मध्यम से लंबी दूरी तक मार करने की सबसे खतरनाक मिसाइल है। टॉम हॉक 1500 किलोमीटर की दूरी से अपना लक्ष्य साध कर हमला करती है। इस मिसाइलों को पकड़ पाना बेहद मुश्किल है, जो छोड़े जाने के महज कुछ ही देर में अपने लक्ष्य को तहस नहस कर देती हैं। टॉमहॉक ने सबसे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध में अपना जौहर दिखाया था। 

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V-2 Rocket, जर्मनी

         वी -2 रॉकेट को आज के मिसाइल और रॉकेट टेक्नोलॉजी का अगुआ कहा जाता है। यह इंसानों द्वारा बनाया गया पहला रॉकेट था जो अंतरिक्ष में प्रवेश करने में सक्षम था। इसे नाजी शासन में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया। जर्मनी ने इसका इस्तेमाल लंदन और एंटवर्प में बमबारी के लिए किया था। कहा जाता है कि 3000 वी-2 राकेट ने करीब 9000 लोगों को मारा था। इसके अलावा इसे बनाने के दौरान यातना शिविरों में मौजूद 12 हजार मजबूर मजदूरों की मौत हो गई। 

03 मार्च 2019

10:50 pm

दुनिया के TOP 10 फाइटर प्लेन || top 10 fighter plane


         दुनिया के कई देशों के पास एसे खतरनाक हथियार हैं , जो पल भर में दुश्मन का सफाया कर सकते हैं । अडवांस मिसाइलें , तोप , टैंक , मशीन गन अमेरिका , रूस , फ्रांस , चीन और भारत जैसे देशों को । शक्तिशाली राष्ट्र की सूची में खड़ा करती हैं । लेकिन अगर किसी मुल्क की ताकत मापनी हो , तो उसकी वायुसेना का दमखम जरूर देखा जाता है । आज हम आपको दुनिया के 10 सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स के बारे में बता रहे हैं , जो दुश्मन के इलाके में अंदर तक घुसकर तबाही मचा सकते हैं ।
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मल्टीमीडिया डेस्क
           किसी भी दुश्मन की ताकत पता करनी हो या सेना को हमला करना हो। जमीनी हमला करना हो या समुद्र में दुश्मन के जहाज को नष्ट करना हो, सैनिकों को एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाना हो या थलसेना की मदद के लिए जमीनी युद्ध के दौरान हवाई हमले करनी हो।इन सभी कामों के लिए सबसे ज्यादा जरूरत जिस चीज की होती है, वो लड़ाकू विमान होते हैं। ये फाइटर प्लेन पलक झपकते ही दुश्मन को नेस्तानाबूद कर देते हैं। इसलिए आज दुनिया में जिस किसी भी देश के पास सबसे ताकतवर वायुसेना है, वो सबसे शक्तिशाली है। तो आइए जानते हैं, दुनिया के वो टॉप 10 फाइटर प्लेन, जिनके नाम भर से ही दुश्मन कांप जाते हैं।

एफ 35-लाइटनिंग
       स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस एफ 35-लाइटनिंग विमान मौजूदा समय का सबसे घातक फाइटर प्लेन है। इसकी तकनीक इसे पूरी दुनिया में आगे रखती है। इस फाइटर प्लेन को अमेरिका ने रैप्टर फाइटर प्लेन की अगली पीढ़ी के तौर पर विकसित किया है, जिसे वो दुनिया के शक्तिशाली देशों ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया को भी देगा, जिसके लिए समझौते भी हो चुके हैं। ये प्लेन एक बार उड़ान भरने पर दुनिया के किसी भी कोने में निर्बाध रूप से हमले करने में सक्षम है, जिसे रोकने की ताकत फिलहाल विकसित तक नहीं हो पाई है। ये फाइटर प्लेन अभी तक सिर्फ 150 की संख्या में ही तैयार हैं, जिसके दम पर अमेरिका ने पूरी दुनिया पर अभी से दबदबा बना लिया है। इसके तोड़ की खोज शुरू हो चुकी है। हां ये बात है कि अभी तक किसी को भी सफलता नहीं मिली है। इस पर तमाम आधुनिक हथियारों (परमाणु हथियारों समेत) की तैनाती की जा सकती है।
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टी-50: सुखोई पीएके-एफए
       भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से सिर्फ भारत और रूसी सेना के लिए विकसित किए जा रहे ये फाइटर प्लेन पांचवी पीढ़ी का दुनिया का सबसे उन्नत फाइटर प्लेन होगा। ये सिंगल सीटर और डबल सीटरे दोनों ही श्रेणी में बनाए जा रहे हैं। अभी इस श्रेणी के सिर्फ 5 विमान ही तैयार हुए हैं, जिनकी लगातार ट्रायल जारी है। टी-50 के नाम से ही पश्चिमी देशों के पसीने छूटने लगे हैं, क्योंकि इसके आते ही भारत और रूस पूरी तरह से लड़ाकू विमानों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएंगे, जो किसी भी राडार की पकड़ में नहीं आते। स्टील्थ फाइटर प्लेन्स की रेस में रूस भी पहली बार व्यापक स्तर पर इस होड़ में शामिल हो चुका है। अभी तक रूस के पास भी एक्टिव स्टील्थ तकनीक से लैस कोई फाइटर प्लेन नहीं है, लेकिन इसके आने से रूस और भारत दोनों ही दुनिया में कहीं भी हमला करने और किसी भी हमले को रोकने में सक्षम हो जाएंगे। भारत और रूस के इस उपक्रम से पाकिस्तान, चीन और अमेरिका में खलबली मची हुई है। एक तरफ पश्चिमी देश और अमेरिका जहां रूस के परंपरागत प्रतिद्वंदी हैं, तो भारत के प्रति पाकिस्तान और चीन का नजरिया किसी से छिपा नहीं। ये फाइटर प्लेन भारत और रूस के वायुसेना के साथ ही नौसेना की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है।

चेंगदू जे-10
      चेंगदू जे-10 मौजूदा समय में चीनी सेना का अचूक हथियार है, जो पाकिस्तान के पास थंडर नाम से है। चेंगदू जे-10 किसी भी मौसम में किसी भी लक्ष्य पर तेजी से हमला करने में सक्षम है। चेंगदू जे-10 में लेजर गाइडेड बमों के साथ ही सेटेलाइट गाइडेड बम के उपयोग की भी क्षमता है, जो इसकी मारक क्षमता को बढ़ाते हैं। ये एक बार की उड़ान में कई ठिकानों पर बमबारी में सक्षम है। चीनी सेना चेंगदू-10 श्रेणी के 400 विमानों का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें से वो एक स्कॉड्रवन पाकिस्तानी सेना को देने वाली है।

डसाल्ट रॉफेल
           डसाल्ट एविएशन की ओर से विकसित ये फाइटर प्लेन फ्रांस के अग्रणी स्ट्राइक टीम का मुख्य हिस्सा है। डसाल्ट रॉफेल हर नई तकनीक से लैस होने के साथ ही परमाणु हमले में भी सक्षम है। इस फाइटर प्लेन ने अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक हमलों में अपना जौहर दिखाया है। इस फाइटर प्लेन में अपना खुद का रडार सिस्टम है, जो दुश्मन के हमनों को तुरंत पकड़ उन्हें जवाब देने की ताकत रखता है। इसे भारतीय सेना में भी तैनात किया जा रहा है। इसकी तीन श्रेणियां है, जो सिंगल सीटर (जमीनी हमले के लिए), डबल सीटर (जमीन से हमले के लिए) और राफेल एम (सिंगल सीटर) नौसेना के इस्तेमाल के लिए हैं।
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एफ-22 रैप्टर (लॉकहीड मॉर्टिन)
     लॉकहीड मॉर्टिन द्वारा विकसित दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर प्लेन है। रैप्टर किसी भी रडार की पकड़ में न आने वाला प्लेन है, जो बेहद कम समय में दुनिया के किसी भी कोने में हमला करने पर सक्षम है। अमेरिका इस खास फाइटर प्लेन पर किस हद तक नाज करता है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि खास कानून बनाकर इसे किसी भी दूसरे देश की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। इसे अमेरिका किसी भी देश को नहीं बेचेगा। ये फाइटर प्लेन लंबी दूरी तक, जमीन के पास और दूर रहकर किसी भी लक्ष्य को नष्ट कर सकता है, साथ ही दुश्मन के फाइटर प्लेन्स को भी। एफ-22 रैप्टर (लॉकहीड मॉर्टिन) को खरीदने में कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई, लेकिन बेहद महंगे दाम और रोक की वजह से किसी को भी नहीं मिला। ये इतना महंगा है कि जापान के कुल सैन्य खर्च का 1 फीसद सिर्फ एफ-22 रैप्टर में ही लग जाएगा। हालांकि बाद में अमेरिकी कांग्रेस ने इसके उत्पादन पर रोक लगा दी, लेकिन अगले 30 सालों तक ये अपनी श्रेणी में अद्वितीय फाइटर प्लेन बना रहेगा। इसके उत्पादन पर रोक की वजह से ही इसे थोड़ निचले क्रम पर जगह मिली है।

सी हारियर
            ब्रिटिश सेना के लिए निर्मित सी हारियर अपनी श्रेणी में अद्दभुत क्षमता रखने वाला तीसरी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। इस फाइटर प्लेन के दम पर ब्रिटेन ने फॉकलैंड युद्ध, दोनों खाड़ी युद्धों और बाल्कन तनाव के समय भी हमला किया। ये समुद्र से जमीन पर हमला करने में सक्षम है और पोत के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में हमला कर सकती है। फॉकलैंड युद्ध में इन विमानों ने दुश्मनों के 20 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। सी हारियर को भारतीय नौ-सेना आज भी इस्तेमाल कर रही है, तो ब्रिटिश रॉयल नेवी ने इसकी जगह दुनिया के सबसे तेज विमान लॉकहीड मॉर्टिन के लाइटनिंग II से बदला है। क्योंकि इस श्रेणी में लाइटनिंग II के अतिरिक्त कोई भी विमान मौजूद नहीं है।

यूरोफाइटर टाइफून (यूरोपीय यूनियन)
            यूरोफाइटर टाइफून को यूरोपीय यूनियन के देशों जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और स्पेन ने संयुक्त रूप से बनाया है। यूरोफाइटर टाइफून किसी भी परिस्थिति में काम करने में सक्षम बहुउदेश्यीय फाइटर प्लेन है। इस फाइटर प्लेन ने 2011 में लीबिया हमले हमले के दौरान फ्रांस और इटली की ओर से कमान संभाली। पूरी दुनिया के करीब 22 देश यूरोफाइटर टाइफून का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस फाइटर प्लेन में खुद का राडार भी है। जो किसी भी हमले से बचाव में काम आती है। यूरोफाइटर टाइफून अमेरिका के एफ-22 रैप्टर के आधे दाम का है, जबकि एफ-15, राफेल और रूस के मिग 27 से ऑपरेशन में बेहतर परिणाम दे चुका है।

मैक्डोनेल डगलस एफ-15 स्ट्राइक ईगल
          मैक्डोनेल डगलस एफ-15 स्ट्राइक ईगल फाइटर प्लेन लंबे समय से अमेरिका समेत 4 देशों की वायुसेना का हिस्सा है। ये विमान पलक झपकते ही किसी भी लक्ष्य को तहस नहस कर सकता है। फाइटर प्लेनों में चौथी पीढ़ी के विमानों का अगुवा ये फाइटर प्लेन दुनिया के तमाम ऑपरेशंस में अपनी भूमिका का जौहर दिखा चुका है। अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब अमेरिका ने सद्दाम हुसैन की अगुवाई वाली इराकी सेना पर हमला किया तो इराकी वायुसेना ने एफ-15 विमानों का हवाला देकर उड़ने से ही इन्कार कर दिया और देखते ही देखते अमेरिका सेना ने पूरे इराक को तहस-नहस कर दिया। एफ-15 ने इराक, अफगानिस्तान और लीबिया युद्धों में व्यापक स्तर पर तबाही मचाई और जमीन पर आगे बढ़ रही थल सेना को कवर देते हुए दुश्मनों को रौंद डाला। इजरायल ने मैक्डोनेल डगलस एफ-15ई स्ट्राइक ईगल के दम पर गाजा में अंदर तक हमले किए, जिनसे बचने में ही दुश्मन ने पूरी ताकत झोंक डाली। लेकिन इजरायल का मुकाबला नहीं कर सके।

तेजस
          सिंगल और डबल सीटर लड़ाकू विमानों की पांचवीं पीढ़ी के विमानों में भारत द्वारा विकसित और भारत में ही निर्मित तेजस पूरी तरह से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों में शामिल हो चुका है। स्टील्थ तकनीक से लैस ये विमान भारत की हर जरूरत को पूरा करेगा, जो भारत की वायुसेना और जलसेना दोनों की ही उपयोग के लिए है। ये हल्का विमान है और बेहद कम समय में ही दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। तेजस की चकाचौंध से अभी से पूरी दुनिया थर्रा रही है। तेजस को भारतीय सेना में शामिल किया जा चुका है और इसी साल में ही पूरी स्कॉड्रवन की तैनाती हो जाएगी। भारतीय वायुसेना पूरी तरह से सिर्फ तेजस के ही 3 स्कॉड्रवन बनाना चाहती है, जो दुनिया के किसी भी लक्ष्य को वेधने में सक्षम है। तेजस कम उंचाई में उड़ान भरकर महज 15 मिनट में पाकिस्तान के किसी भी शहर को तहस नहस कर सकता है। इसपर परमाणु हथियारों की तैनाती भी की जाएगी। तेजस की सबसे बड़ी खूबी उसका किसी भी मौसम और किसी भी समय उड़ान भरकर हमला करने की है, जिससे भारत पड़ोसी देशों पर किसी भी युद्ध के शुरुआती चरण में भी बढ़त बना लेगा। इसे किसी भी मिसाइल से नहीं गिराया जा सकेगा।
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ग्रिपेन
        स्वीडन का लड़ाकू विमान ग्रिपेन मौजूदा समय के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। ये अनेरिका के एफए-18 सुपर हॉरनेट, और फ्रांसीसी रॉफेल विमानों से भी बेहतर है। ये हर परिस्थिति में सटीक तरह से हमले करने में सक्षम है। ब्राजील ने इसकी सटीकता को देखते हुए रॉफेल और अमेरिकी एफए-18 पर तरजीह दी। ये विमान एक तरफ तो दुनिया में सबसे तेज (मैक-2 स्पीड-सुपरसोनिक) से हमला करती है, तो बेहद छोटे (25 मीटर) की पट्टी पर भी लैंड करने में सक्षम है। स्वीडन के इस विमान की सबसे बड़ी खूबी इसके रखरखाव का सबसे सस्ता होना है। स्वतंत्र विशेषज्ञों के अनुसार, स्वीडिश लड़ाकू विमान ग्रिपेन को एक घंटे की उड़ान के बाद 6 से 10 तकनीशियन केवल आधे घंटे में ही नई उड़ान के लिए तैयार कर सकते हैं। इन मानकों की दृष्टि से लड़ाकू विमान ग्रिपेन अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे है। उदाहरण के लिए, फ्रांसीसी विमान राफेल को एक घंटे की उड़ान के बाद नई उड़ान के लिए तैयार करने हेतु 15 तकनीशियनों को एकसाथ काम करना पड़ता है। अमरीकी विमान एफ-35 लाइटेनिंग-2 को तैयार करने के लिए 30 से 35 तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। यही नहीं, ये सबसे सस्ते उड़ानों के लिहाज से भी बेहतर है। ग्रिपेनट के एक घंटे की उड़ान भरने के लिए 4700 डॉलर, जबकि राफेल की उड़ान के लिए 15 हज़ार डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। मतलब राफेल की उड़ान ग्रिपेन की उड़ान से तीन गुना महंगी पड़ती है।

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26 फ़रवरी 2019

9:18 pm

रुस (Russia) और उसके कुछ रुस की मजेदार बातें (Russia Interesting Facts in Hindi)

रूस की कुछ बातें ऐसी हैं जो उसे वाकई काफी खास बना देती हैं . रूस न सिर्फ दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा ऑयल प्रोडयूसर है बल्कि इसके शहर में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा अरबपति रहते हैं . रूस एक ऐसा देश है जहां औरतों के मुकाबले मर्दो की संख्या कम है . आइये तो जानते हैं कुछ ऐसे ही रु रुस स (Russia)  और उसके कुछ रुस की मजेदार बातें (Russia Interesting Facts in Hindi) .

रूस, जिसे आधिकारिक तौर पर रूसी फेडेरा-टियोन के रूप में भी जाना जाता है, यूरेशिया में एक सार्वभौम देश है। 17,125,200 वर्ग किलोमीटर (6,612,100 वर्ग मील) रूस क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा देश है, जो पृथ्वी के बसे हुए भूमि के एक-आठवें हिस्से से अधिक है, और दिसंबर 2017 के अंत में 144 मिलियन लोगों के साथ नौवां सबसे अधिक आबादी वाला है। । देश का यूरोपीय पश्चिमी भाग पूर्वी की तुलना में बहुत अधिक आबादी वाला और शहरीकृत है; लगभग 77% आबादी यूरोपीय रूस में रहती है। रूस की राजधानी मास्को दुनिया के सबसे बड़े शहरों में से एक है; अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों में सेंट पीटर्सबर्ग, नोवोसिबिर्स्क, येकातेरिनबर्ग और निज़नी नोवगोरोड शामिल हैं।
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पूरे उत्तरी एशिया और पूर्वी यूरोप के अधिकांश हिस्सों में फैले, रूस में ग्यारह समय क्षेत्र होते हैं और इसमें पर्यावरण और लैंडफ़ॉर्म की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होती है। उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पूर्व तक, रूस नॉर्वे फिनलैंड, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड (दोनों कैलिनिनग्राद ओब्लास्ट के साथ), बेलारूस, यूक्रेन, जॉर्जिया, अजरबैजान, कजाकिस्तान, चीन, मंगोलिया और उत्तर कोरिया के साथ भूमि सीमा साझा करता है। यह जापान के साथ समुद्री तट ओखोटस्क और अलास्का राज्य के बेरिंग जलडमरूमध्य के साथ समुद्री सीमाओं को साझा करता है।

पूर्वी स्लाव तीसरी और 8 वीं शताब्दी ईस्वी के बीच यूरोप में एक पहचानने योग्य समूह के रूप में उभरा। वरंगियन योद्धा कुलीन और उनके वंशजों द्वारा स्थापित और शासित, 9 वीं शताब्दी में रूस के मध्ययुगीन राज्य का उदय हुआ। 988 में इसने बीजान्टिन साम्राज्य से रूढ़िवादी ईसाई धर्म को अपनाया। बीजान्टिन और स्लाव संस्कृतियों के संश्लेषण की शुरुआत जिसने रूसी संस्कृति को अगली शताब्दी के लिए परिभाषित किया। अंतः रूस छोटे राज्यों की संख्या में बिखर गया; रूस की अधिकांश भूमि मंगोल आक्रमण से आगे निकल गई और 13 वीं शताब्दी में खानाबदोश गोल्डन होर्डे की सहायक नदी बन गई।

मॉस्को के ग्रैंड डची ने धीरे-धीरे आसपास की रूसी रियासतों को फिर से संगठित किया, गोल्डन होर्डे से स्वतंत्रता हासिल की, और कीवनमॉस्को के ग्रैंड डची ने धीरे-धीरे आसपास की रूसी रियासतों को फिर से संगठित किया, गोल्डन होर्डे से स्वतंत्रता हासिल की, और कीवन रस की सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत पर हावी होने के लिए आया। ' 18 वीं शताब्दी तक, राष्ट्र ने रूसी साम्राज्य बनने के लिए विजय, उद्घोषणा और अन्वेषण के माध्यम से बहुत विस्तार किया, जो कि इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा साम्राज्य था, जो पश्चिम में पोलैंड से लेकर पूर्व में अलास्का तक फैला हुआ था।
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सन् 1904 में अपने नवजागरण के बाद महात्वाकांक्षी बने जापान ने रूस को एक लड़ाई में हरा दिया। इससे रूस की जनता के मन में शासक, यानि ज़ार के प्रति क्षोभ उत्पन्न हो गया। सन् 1917 में यहाँ बोल्शेविक क्रांति हुई जिसके कारण साम्यवादी शासन स्थापित हुआ। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय तक रूसी साम्राज्य मध्य एशिया में फैल चुका था। युद्ध में जर्मनी को हराने के बाद रूसी शक्ति और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में रूस तेजी से हावी हो गया। साम्यवादी नीति, कृषि और अंतरिक्ष तथा यंत्रों के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व प्रगति के कारण रूस दुनिया के तकनीकी और आर्थिक मंडल पर एक बड़ी शक्ति बनकर आया। अमेरिका एक दूसरी प्रतिस्पर्धी शक्ति थी जिससे इनमें तकनीकी और शस्त्रों की होड़ चली। कई वर्षो के निःशस्त्र शीतयुद्ध के बाद 1991 में सोवियत संघ का विघटन हो गया और रूस इसका उत्तराधिकारी देश बना। इसके बाद से यहाँ एक जनतांत्रिक सरकार का शासन है और यह आर्थिक और राजनीतिक रूप से थोड़ा कम महत्वपूर्ण बन गया।

रुस की मजेदार बातें

😎 . रूस क्षेत्रफल के हिसाब से प्लूटो ग्रह से भी बड़ा है।
😎 . Russia विश्व का ऐसा देश है जिसका एक भाग में शाम और एक भाग में दिन होता है
😎. एप्पल कंपनी का मूल्य पूरे रूस की शेयर मार्केट से अधिक है
😎. रूस के पास किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा 8400 परमाणु हथियार है
😎 . रूस की झील “ Baikal ” में दुनिया का 20 % शुद्ध पानी है
😎 . प्रत्येक रसियन हर साल 18 लीटर बीयर पीता है

😎. रूस में पुरूषो की तुलना में महिलाएँ की संख्या 9 लाख अधिक है
😎 . रूस के एक कॉफी हाउस में खाना और पीना तो मुफ्त है लेकिन आपको यहां पर समय बिताने के लिए फीस देनी पड़ती है इ कैफे में एक मिनट बिताने के लिए आपको करीब 1 से 3 रूबल चुकाने होंगे . यह विचार सबसे पहले चीन में जन्मा था .
😎. रूस के आखिरी बिंदु से अमेरिका केवल 4 कि . मी . दूर रह जाता है
😎 . रूस के करीब 110 लोग देश की कुल संपत्ति का 35 फीसदी हिस्सा अपने पास रखे हुए हैं . इस देश में आर्थिक असमानता काफी हद तक फैली हुई है
😎 . 1867 में अमेरिका ने केवल 45 करोड़ 81 लाख रूपए में रूस से अलास्का को खरीद लिया था
😎 . 1908 में इम्पीरियल रूसी ओलिंपिक टीम अपने खेल के लिए 12 दिन लेट पहुँची थी क्योकीं ये ग्रेगोरियन कैलेंडर का उपयोग नही कर रहे थे
😎 . सबसे ज्यादा बच्चों को जन्म देने का रिकार्ड रूस की एक महिला के नाम हैं . जिसके 69 बच्चे थे इनमे से 7 तिगड़ी थे अर्थात् तीन इकट्टे पैदा हुए थे और 7 ही जुड़वा और बाकी एक - एक थे
😎 . अंतरिक्ष में सबसे पहले उपग्रह भेजने वाला देश रूस ही है
😎 . रूस में हर साल 5 लाख से ज्यादा मौत तो केवल शराब की वजह से होती है
😎 . रूस में टीचरों को बतौर सैलरी वोदका दिया जाता है
😎. रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में साल 1924 में पहला मानवीय Chess खेला गया रूस में 20वीं शताब्दी के आसपास चेस काफी लोकप्रिय खेल हुआ करता था इसलिए इस लोकप्रियता ने रूस को मानवीय चेस को ईजाद करने का विचार दिया |
😎 . एक समय ऐसा था , जब रूस के शासक पीटर ने ढाढ़ी पर टैक्स लगा दिया था
😎 . ऐसा माना जाता है कि रूस में लगभग 15 सिटी ऐसी है जिनका नाम और पता सब कुछ सीक्रेट है
😎 . साल 2011 में रूस के भीतर उन पेय पदार्थों को सामन्य पेय घोषित कर दिया गया जिनमें 10 फीसदी से कम एल्कोहल होता था , इसलिए बीयर को खाने के सामान्य उत्पादों में मान्यता मिल गई थी

😎. एक तिहाई रसियन ऐसा मानते है कि सूर्य पृथ्वी के चारो ओर घूमता है
😎 . ओलंपिक खेलों में एक मशाल जलाकर उड़ाई जाती है यह करीब 70 बार रूस से होकर गुजरी है
😎 . “ Vodka " शब्द रूसी भाषा के शब्द Voda से आया है इसका मतलब Water होता है
😎. रूस के 25 % लोग 55 वर्ष की आयु तक पहुंचने से पहले ही मर जाते है इसकी जिम्मेदार ' Vodka ' है
😎. रूस की झील " Karachay " दुनिया की सबसे प्रदूषित और रेडियोधर्मी झील है
😎 . रूसी वैज्ञानिक 1959 के बाद से लोमडियो को कुत्तो की तरह पाल रहे है
😎. सोवियत रूस का उकाब एक ऐसा पक्षी था जो हाथी जैसे विशाल जानवर को पंजे में दबाकर उड़ जाता था

15 फ़रवरी 2019

3:15 am

Top 10 Most Powerful Countries in the World 2019 || विश्व के 2019 में शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली देश


यहां US न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर दुनिया के शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली देश हैं। ध्यान दें कि यह सूची मीडिया कंपनी की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों की समग्र रैंकिंग से भिन्न है।

10. United Arab Emirates

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संयुक्त अरब अमीरात सात अमीरातों का एक संघ है, प्रत्येक एक पूर्ण राजशाही द्वारा शासित है। अमीरात में अबू धाबी, अजमान, दुबई, फुजैराह, रास अल-खैमाह, शारजाह और उम्म अल-क्वैन हैं। सात अमीरातों में से, अबू धाबी और दुबई दो सबसे प्रसिद्ध हैं, जिनमें से बाद वाला अधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह तथ्य कि देश अन्य अरब देशों की तुलना में अधिक उदार और खुला है, यह विदेशियों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है।

UAE दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक है, इसके समृद्ध तेल और प्राकृतिक गैस भंडार में बड़े हिस्से का दरज्जा है। संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य और खाड़ी सहयोग परिषद के एक संस्थापक सदस्य, संयुक्त अरब अमीरात में एक बहुत ही मजबूत आर्थिक प्रभाव है और ठोस अंतरराष्ट्रीय गठबंधन है।

हालाँकि, संयुक्त अरब अमीरात के पास एक बड़ी और शक्तिशाली सेना नहीं है, हालांकि इसके सशस्त्र बलों ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण उन्नयन देखा है। लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि संयुक्त अरब अमीरात की सशस्त्र सेना - सभी सात अमीरात की प्राथमिक सशस्त्र शाखा - आधुनिक हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है, जो अन्य शक्तिशाली देशों से खरीदी जाती है।

9. Soudi Arabia 
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सऊदी अरब सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली अरब देशों में से एक है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण इसे पश्चिमी समर्थक देश माना जाता है। यह विदेशी श्रमिकों के लिए भी बहुत खुला है, निजी कंपनियों और संस्थानों में बहुत सारे कर्मियों के साथ अन्य देशों के निवासी हैं।

सऊदी अरब का क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक प्रभाव है और इसे अन्य शक्तिशाली अरब देशों जैसे कि सऊदी अरब के निकटतम सहयोगी के रूप में माना जाता है, के साथ संबद्ध है। यूएई की तुलना में, सऊदी अरब बहुत अधिक रूढ़िवादी है, हालांकि सरकार ने हाल ही में देश को उदार बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उदाहरण के लिए, पिछले सितंबर में, देश ने घोषणा की कि आखिरकार महिलाओं को ड्राइव करने की अनुमति है।

अरब देश अपने सैन्य खर्च के लिए भी जाना जाता है। यह दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में से एक है, जिसमें यूके एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। अन्य आपूर्ति करने वाले देशों में यूएस (जाहिर है) और कनाडा शामिल हैं। कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो को अरब देश को सैन्य उपकरण बेचने के लिए आलोचना मिली है। ट्रूडो मानवाधिकारों के पैरोकार हैं - लेकिन सऊदी अरब को युद्ध के उपकरण बेचे हैं, जो मानव अधिकारों के संबंध में एक कुख्यात रिकॉर्ड है।

8. Israel

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इज़राइल सबसे शक्तिशाली मध्य पूर्वी देशों में से एक है। इसकी बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसका जीवन स्तर उच्च है। जापान की तरह, इजरायल दुनिया के सबसे शिक्षित देशों में से एक है, जिसने प्रौद्योगिकी के संबंध में देश को एक बिजलीघर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

विदेशी संबंधों के संदर्भ में, इजरायल एक मिश्रित बैग है। एक छोर पर, यह अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली देशों के साथ संबद्ध है। लेकिन दूसरे छोर पर, इसका अन्य मध्य पूर्वी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंध है। और तथ्य यह है कि इजरायल के पास एक अच्छी तरह से विकसित परमाणु कार्यक्रम है, जो केवल मामलों को बदतर बनाता है, हालांकि देश की परमाणु क्षमताओं के बारे में इज़राइल सरकार बहुत ही स्पष्ट है।

संबंधित नोट पर, इज़राइल दुनिया में सबसे शक्तिशाली आतंकवादियों में से एक है। हालांकि अमेरिका और चीनी सशस्त्र बलों की तुलना में बिल्कुल बड़ा नहीं है, इजरायली रक्षा बल अविश्वसनीय रूप से प्रशिक्षित हैं और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के खतरों को बेअसर करने में सक्षम हैं। इजरायल के पास यकीनन दुनिया की सबसे अच्छी खुफिया एजेंसी मोसाद भी है।

7. Japan

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जापान दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है, खासकर तकनीक के मामले में। पूर्वी एशियाई देश लंबे समय से तकनीकी नवाचार का दिल माना जाता है और यकीनन अमेरिका की तुलना में अधिक तकनीकी रूप से उन्नत है। इसकी अत्यधिक कुशल और सुशिक्षित आबादी है, जो इसकी आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा कारण है।

अमेरिका और चीन के ठीक पीछे जापान की तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था है। देश दुनिया के उन नेताओं में से एक है, जब उत्पादों का निर्यात करने की बात आती है, जिनमें प्रौद्योगिकी से संबंधित कई उत्पाद हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य, जापान का अन्य विश्व शक्तियों के साथ मजबूत संबंध भी है, हालांकि इसके पड़ोसी, चीन और उत्तर कोरिया के साथ व्यवहार के मुद्दे हैं।

सैन्य शक्ति के संबंध में, जापान सबसे शक्तिशाली सशस्त्र बलों के साथ बिल्कुल धन्य नहीं है। यद्यपि इसके पास सबसे बड़े सैन्य बजट में से एक है और आधुनिक सैन्य हथियार प्रणाली है, देश मुख्य रूप से आत्मरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए अपने सशस्त्र बलों को तैनात करता है। राइजिंग सन की भूमि यह साबित करती है कि शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में माने जाने के लिए आपको एक मजबूत सैन्य उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।

6. France

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न केवल फ्रांस शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है, यह सबसे शक्तिशाली परमाणु हथियारों के साथ शीर्ष 10 देशों में से एक भी है, जो लगभग 300 के एक रिपोर्ट किए गए परमाणु वारहेड क्षेत्र का क्षेत्ररक्षण करता है। यह एक आधिकारिक परमाणु-हथियार राज्य है और एक क्षेत्र है दुनिया के सबसे सक्षम उग्रवादियों में।

ब्रिटेन के ठीक नीचे पश्चिमी यूरोप में स्थित, फ्रांस में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो केवल कुछ अन्य विश्व शक्तियों जैसे यूएस, चीन और जापान को पीछे छोड़ती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक स्थायी सदस्य फ्रांस के पास बहुत मजबूत अंतरराष्ट्रीय गठबंधन हैं और वैश्विक सुरक्षा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के मामलों में नियमित रूप से शामिल है।

फैशन उद्योग के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक माना जाता है, फ्रांस का फैशन की दुनिया में बहुत बड़ा योगदान रहा है और यह कई उल्लेखनीय फैशन हाउस जैसे चैनल, गिवेंची और यवेस सेंट लॉरेंट का घर है। फ्रांस का सांस्कृतिक प्रभाव एक ऐसी चीज है जिसे कभी भी सटीक रूप से निर्धारित नहीं किया जा सकता है।

5. Germany

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जर्मनी लंबे समय तक दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक रहा है। अतीत में जब भी देश युद्ध और आंतरिक संघर्ष से तबाह हुआ है, अर्थव्यवस्था ठीक हो पाई है। जर्मन अर्थव्यवस्था लगातार शीर्ष 10 में शुमार है, इसकी बेहद कुशल और उच्च शिक्षित आबादी की बदौलत।

मध्य-पश्चिमी यूरोप में स्थित, जर्मनी उच्च स्तर के जीवन स्तर के साथ एक अच्छी तरह से विकसित राष्ट्र है। यह सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है और इसका वैश्विक आर्थिक प्रभाव बहुत मजबूत है। इसका एक मजबूत वैश्विक राजनीतिक प्रभाव भी है और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं।

जर्मनी संयुक्त राष्ट्र और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन का सदस्य है और वैश्विक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों में भारी रूप से शामिल है। एक समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास रखने और दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में से कुछ के लिए जाना जाता है, जर्मनी में एक शक्तिशाली सेना भी है और राजनीतिक और आर्थिक मामलों के सभी शिष्टाचार में कुशल नेताओं के नेतृत्व में एक बहुत ही सक्षम सरकार है।

4. United Kingdom

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक और स्थायी सदस्य, यूनाइटेड किंगडम - इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड से बना है - जो पश्चिमी यूरोप में स्थित एक उच्च विकसित देश है। हालांकि यह वर्तमान में कुख्यात ब्रेक्सिट के कारण अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है, ब्रिटेन अभी भी दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है।

फ्रांस की तरह, UK एक आधिकारिक परमाणु हथियार वाला राज्य है और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन का सदस्य है। यह दुनिया की सबसे अच्छी नौसेनाओं में से एक और साथ ही सबसे सक्षम विदेशी खुफिया एजेंसियों में से एक है, गुप्त खुफिया सेवा, जिसे आमतौर पर एमआई 6 के रूप में जाना जाता है।

UK में बहुत मजबूत आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव है और यह लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों जैसे प्रौद्योगिकी, फैशन, संस्कृति, कला और विज्ञान में एक ट्रेंडसेटर है। उच्च जीवन स्तर रखने के लिए जाना जाता है, यूके ने इतिहास में कुछ सबसे कुशल डॉक्टरों का भी उत्पादन किया है, यही वजह है कि यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरों के साथ शीर्ष 10 देशों की हमारी सूची में शामिल है।

3. China

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चीन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यह आर्थिक प्रभाव का एक बड़ा हिस्सा है और अमेरिका के पीछे दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। पिछले तीन दशकों के भीतर चीनी अर्थव्यवस्था कैसे तेजी से बढ़ी है, इसके आधार पर, यह बहुत संभव है कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को निकट सुविधा से आगे निकल सके। एशियाई देश निर्यात में भी विश्व में अग्रणी है, इसलिए सभी "मेड इन चाइना" उत्पाद जिन्हें आप हर दिन देखते हैं।

संयुक्त स्टेशनों के एक सदस्य, चीन का दुनिया में बहुत मजबूत राजनीतिक प्रभाव है, हालांकि कई ने संदिग्ध तरीकों को लागू करने के लिए चीनी सरकार की आलोचना की है और बहुत अधिक आक्रामक होने के लिए, विशेष रूप से जब यह अपनी सैन्य मांसपेशियों को फ्लेक्स करने के लिए आता है।

जिसके बारे में बात करते हुए, चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है और एक नौसेना है जिसमें सैकड़ों कमीशन वाले जहाज और विमान हैं और 200,000 से अधिक सक्रिय कर्मी हैं। चीन के पास परमाणु हथियार भी हैं और दुनिया में सबसे बड़े सैन्य बजटों में से एक है। देश अन्य देशों के साथ भी मजबूत संबंध रखता है, विशेष रूप से रूस के साथ, हालांकि देश का अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसियों के साथ तनावपूर्ण संबंध है।

2. Russia

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क्षेत्रफल के हिसाब से रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, पूरी तरह से उत्तरी एशिया और पूर्वी यूरोप के अधिकांश हिस्से को कवर करता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो देश में व्यापक प्राकृतिक संसाधनों द्वारा कायम है। यह एक विश्व नेता है जब तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार की बात आती है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक स्थायी सदस्य, रूस के पास दुनिया के सबसे शक्तिशाली आतंकवादियों में से एक है। देश लगभग 7,000 परमाणु वारहेड के साथ परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है। हाल के वर्षों में जिस तरह से रूसी सरकार ने अपने सशस्त्र बलों को तैनात किया है, उसे अंतरराष्ट्रीय आलोचना मिली है। सबसे खास बात यह है कि यूक्रेन संघर्ष में अपनी भूमिका के लिए रूस को बहुत कुछ मिला।

अमेरिका के एक राजनीतिक प्रभाव के साथ, रूस के कई देशों के साथ मजबूत संबंध हैं, खासकर चीन। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा नेतृत्व किया गया, रूस में एक बहुत ही सक्षम, यद्यपि विवादास्पद, सरकार है। पुतिन देश को कैसे चलाते हैं, इससे बहुत से लोग सहमत नहीं हो सकते हैं। लेकिन जब परिणाम की बात आती है, तो लोकप्रिय विश्व नेता निश्चित रूप से अपने देश के लिए उद्धार करता है।

1. United States

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संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है। दुनिया में इसकी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, बड़े पैमाने पर इसके बड़े पैमाने पर मनोरंजन और मीडिया उद्योग के लिए धन्यवाद। अकेले कैलिफोर्निया में अर्थव्यवस्था लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर का उत्पादन करती है। कैलिफोर्निया को एक देश मानते हुए, उस संख्या ने कैलिफोर्निया की अर्थव्यवस्था को दुनिया के शीर्ष छह में से एक बना दिया होगा। कल्पना करो कि।

राजनीतिक प्रभाव के मामले में, अमेरिका अद्वितीय है। संयुक्त राष्ट्र का एक संस्थापक सदस्य, अमेरिका लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में एक बड़ी भूमिका निभाता है, विशेष रूप से वैश्विक सुरक्षा के बारे में। वर्तमान में डोनाल्ड ट्रम्प नाम के एक दोस्त के नेतृत्व में होने के बावजूद, अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एक बिजलीघर बना हुआ है। लेकिन अमेरिकी सरकार के लिए सम्मान हर बार एक हिट लेता है जब ट्रम्प एक ट्वीट भेजते हैं।

अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। इसमें सबसे आधुनिक और परिष्कृत सैन्य हथियार प्रणालियां हैं और बड़ी संख्या में परमाणु हथियार हैं। और अमेरिका दुनिया को अपनी सैन्य शक्ति दिखाने में शर्म नहीं कर रहा है, एक कारण यह है कि कुछ देश अक्सर अंतरराष्ट्रीय मामलों के साथ अमेरिका पर ध्यान देने का आरोप लगाते हैं।

इस बात की बहुत अच्छी संभावना है कि दुनिया के शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली देशों की यह सूची 2020 में भी यही रहेगी। नीचे के पांच देशों में से एक या दो देशों को अलग देश में जगह मिल सकती है। लेकिन शीर्ष पांच देशों में अपनी वर्तमान स्थिति रखने की संभावना है।

12 जनवरी 2019

9:41 am

5 world's most expensive home

Hello friends You guys are welcome on this channel. There are so many such homes in the world who hear the cost of every person's senses. Every person wants a good home for himself, but due to the lack of money, he does not succeed in building his dream home. Today, we are going to tell you about the world's five most expensive homes, whose worth listening to your senses will fly.

5. Maison de L'Amitie

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The fifth number Maison de L'Amitie comes home in the list. Let's say this house was bought by Donald Trump in the year 2008, which has been built on America's Palm Beach. For your information, let's say the total value of this house is approximately $ 913 million. This house is spread over 60 thousand square feet.

4. Sevan the pinnacle

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The fourth number in the list is The Pinnacle House, which is located in the US snowfield area. Let me tell you the value of this house is about 944 million dollars. It has 123 rooms. This house is spread over 56 thousand square feet.

3. Victorian house

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The Victorian House comes third in the list. For your information, let's say the total value of this house is $ 980 million. This house belongs to Ukraine's business woman Elena Franchuk.

2. Antilia places
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On the second list in the list, there is a newly installed Antilia castle in India. Let us tell you that this house belongs to Mukesh Ambani whose price is approximately $ 1 billion. This house is made up of 40 thousand square feet. For your information, let's say this house is of 27 floors, with 168 cars parked.

1. Buckingham palace
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The first number in the list comes from Buckingham Palace in the UK. For your information, let's say this house costs about $ 1.5 billion, in which there are 775 rooms in total. This house is spread over 77,000 square feet.